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महिलाओंं को नहीं मिली बैगा भरण पोषण की राशि

भदवाही की बैगा महिलाओं ने लगाई गुहार

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Women did not get bags

Women did not get bags

शहडोल. गोहपारू जनपद अंतर्गत ग्राम भदवाही की बैगा हितग्राहियों ने बैगा परिवार मुखिया को भरण-पोषण हेतु दी जाने वाली एक हजार रुपए की मासिक राहत राशि का लाभ दिलाने की मांग जिला प्रशासन से की है। इस संबंध में ग्राम भदवाही से करीब आधा सैकड़ा बैगा महिलाएं मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंची। बैगा भरण पोषण राशि की मांग करने वाली महिलाओं में सुकबरिया, प्रेमवती, बैलू, गोमती, नानबाई, इन्द्रवती, बैसखिया, गुडिय़ा, रामरती, फूलबाई, अगसिया, माया, गीता, समरतिया, सेमवती, चरकी, द्वीजी सहित अन्य कई महिलाएं शामिल रही। इसके अलावा साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों की संयुक्त कलेक्टर सुरेश अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर पूजा तिवारी सहित जिले के विभिन्न अधिकारियों द्वारा समस्याएं सुनी गई एवं उनका निदान किया गया। बुढ़ार से आये अवधेश सिंह द्वारा माध्यमिक विद्यालय भमला में अतिथि शिक्षक भर्ती तथा जयसिंहनगर से आये लल्ला यादव ग्राम ठेंगरहा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने संबंधी आवेदन किया। ग्राम कुसियारा से आये रामनाथ पनिका ने दिव्यांग पेंशन दिलाने, तुलसी प्रसाद जायसवाल झींकबिजुरी ने अतिथि शिक्षक की भर्ती नहीं करने तथा ग्राम बटुरा के बालकरण ने पेंशन का लाभ दिलाने संबंधी आवेदन दिया।
पूर्व सचिव नहीं दे रही प्रभार
जनसुनवाई में ग्राम पंचायत टेंघा की सरपंच प्रमिला सिंह, उपसरपंच नारेन्द्र सिंह, पंच राम ङ्क्षसह, भागवत सिंह, संतोषी, भूखन ङ्क्षसह, गायत्री शुक्ल सहित अन्य ग्रामीणों ने लिखित शिकायत में बताया है कि पूर्व सचिव द्रोपदी प्रजापति द्वारा किसी को प्रभार नहीं दिया जा रहा है। जिससे ग्राम पंचायत के कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही है। द्रोपदी का स्थान्तरण ग्राम पंचायत जमुनिहा के लिए किया जा चुका है। जिसने अपने कार्यकाल में व्यापक अनियमितताएं की है।
नहीं बन पा रहा पीएम आवास
गोहपारू जनपद अंतर्गत ग्राम चुहिरी निवासी भारत चर्मकार ने जनसुनवाई में लिखित शिकायत की है कि वन विभाग द्वारा उसके स्वीकृत पीएम आवास के निर्माण में बेवजह रोक लगाई जा रही है। जबकि वो और उसके परिजन अपनी जमीन पर पिछले अस्सी सालों से रह रहे हैं। पीएम आवास स्वीकृत होने बाद उसने अपना कच्चा मकान भी तोड़ डाला है। इसके बाद वन विभाग वाले अडंगा लगा रहे हैं। जिससे उसके रहने में परेशानी आ रही है।