शहडोल

जानिए कैसे एक मुट्ठी चावल से कर रहे लोगों की मदद ?

गांव-गांव जाकर फैला रही हैं जागरुकता, मिल रही सफलता

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Jan 02, 2018
Success story- Know how to help a handful of people with rice?

शहडोल - कहते हैं ना जब कोई काम करने की ठान लो तो फिर पूरी कायनात उसे होने से नहीं रोक सकती, बस जरूरत होती है मन से मेहनत करने की, कुछ ऐसी कहानी है शहडोल जिले के जयसिंहनगर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत अमझोर की महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों का, जहां उन्होंने जहां चाह, वहां राह की उक्ति को चरितार्थ किया है।

स्वसहायता समूह की महिलाएं कर रहीं सराहनीय काम
स्वसहायता समूह की महिला सदस्यों ने एक-एक मुट्ठी चावल एकत्रित कर गरीब परिवारों की सहायता की है वहीं स्वच्छता के क्षेत्र में शून्य लागत पर अस्थाई शौचालयों का निर्माण कर गांवों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के क्षेत्र में सराहनीय काम किया है। महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों ने गांवों को नशामुक्त बनाने, स्वास्थ्य के प्रति महिलाओं को जागरूक करने तथा आधुनिक कृषि को जन-जन तक पहुंचाने, गांव में शिक्षा की अलख जगाने का भी प्रयास किया हैं।

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एक दूसरे के सहयोग की अनूठी मिसाल
शहडोल जिले के जयसिंहनगर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत अमझोर की स्वसहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने सामाजिक समरसता एवं एक दूसरे के सुख:-दुख: में सहयोग की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुये एक-एक मु_ी चावल एकत्रित कर गरीब परिवार की महिलाओं को एकत्र कर दे रही हैं। स्वसहायता समूह की सदस्य श्रीमती कमली बाई ने बताया कि स्वसहायता समूह द्वारा प्रतिमाह लगभग 46 किलो चावल और 21 किलो आटा एकत्रित किया जा रहा है, और गरीब परिवारों की महिलाओं को खाद्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से आदिवासी महिलाओं को अनाज दिया जा रहा है। उन्होने बताया कि पिछले माह उन्होने रैमुन बैगा को 34 किलो चावल देकर खाद्य सुरक्षा प्रदान की है। इसके अलावा जयसिंहनगर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत संकुलो, टिहकी, अमझोर, सीधी, गोपालपुर, कनाड़ी खुर्द में स्वसहायता समूह की महिलाओं ने ग्रामीणों में स्वच्छता का संदेश देकर उन्हे शौचालय निर्माण हेतु प्रेरित किया जा रहा है। उन्होने बताया कि उक्त सभी गांवों में अस्थाई बाथरूम का निर्माण कराया गया है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होने बताया कि अस्थाई बाथरूम की खासियत है कि इनका निर्माण शून्य लागत पर किया गया है, इसमें पुरानी साडिय़ों और बोरियों का उपयोग किया गया है।

आदिवासी बहुल इलाकों को नशामुक्त बनाने की कर रहे पहल
स्वसहायता समूह के लोगों ने बताया कि जनपद पंचायत जयसिंहनगर क्षेत्र के आदिवासी बहुल ग्रामों में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिये समूह की सदस्यों ने गांवों को नशामुक्त करने के लिये लोगों से मिलकर उन्हें नशे की बुराईयों के संबंध में समझा रहे हैं कि किस तरह से नशा करना उनके लिए नुकसानदायक है। और इसके अच्छे रिजल्ट भी मिले हैं। दूर दराज के ग्रामीण अब स्वत: नशे की प्रवृत्ति से मुक्त होने का प्रयास कर रहे हैं।

IMAGE CREDIT: patrika

प्रौढ़ शिक्षा केंन्द्र का हो रहा संचालन
ग्राम पंचायत खुसरवाह में आजीविका मिशन के माध्यम से प्रौढ़ शिक्षा केंद्र का संचालन किया जा रहा है, जिसमें महिला एवं पुरूषों को साक्षर बनाने का कार्य स्वसहायता समूह की महिला सदस्य रेखा वर्मा द्वारा किया जा रहा हैं, रेखा वर्मा के प्रयासों से लगभग 759 महिलाओं को साक्षर बनाया गया है जिसके सार्थक प्रयासों को देखते हुये रेखा वर्मा को साक्षरता अभियान में शामिल किया गया है।

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Published on:
02 Jan 2018 12:45 pm
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