बहनोंं ने की भाइयों के दीर्घायु की कामना, भाइयों ने दिया रक्षा का संकल्प
शहडोल. जिला जेल में रक्षाबंधन के दिन सुबह से ही ४२५ बंदी भाइयों को राखी बांधने के लिए परिजनों की भीड़ उमड़ी। वहीं छह बंदी महिलाओं से उनके भाई राखी बंधवाने के लिए पहुंचे। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इस बार परिजनों को गेट पर आधार कार्ड की फोटोकापी जमा करने बाद ही बंदियों से मिलने का समय दिया गया। इस दौरान जेल अधीक्षक जीएल नेटी के निर्देश पर प्रभारी जेलर एसएस राठौर सहित अन्य अमले ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और सीसी कैमरे के माध्यम से जेल की हर हरकत पर पैनी नजर रखी गई। इस प्रकार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व रविवार को उत्साह व परंपरागत ढ़ंग से मनाया गया। इसको लेकर शहर व आसपास के ग्रामीण इलाको में लोगों में खासा उत्साह देखा गया। इस दिन शहर के बाजार में राखी व मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ रही। इस त्यौहार पर बहनों ने अपने भाई की खुशहाली और उन्नति के लिए प्रेम के प्रतीक राखी को बांधकर स्नेह का इजहार किया। साथ ही भाई अपनी बहन की रक्षा करने का संकल्प लेकर उचित उपहार भी दिया। इस दिन भी शहर की विभिन्न साधनों से बहनें अपने-अपने मायके और भाइयों के पास गई। वहीं शहर में भी बाहर से बहनों के आने का सिलसिला जारी रहा। इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं था व राजयोग में बहनों ने भाइयों की कलाइयों पर राखियां बांधी। इसलिए इस बार का रक्षाबंधन बेहद शुभ रहा।
राखी बांधकर दिया मतदान का संदेश
मतदाताओं को जागरूक करने हेतु स्वीप अभियान के तहत रक्षाबंधन के अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी अनुभा श्रीवास्तव ने आजीविका परियोजना के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मतदान हेतु मतदाताओं को प्रेरित करने के संदेश पर आधारित राखियां तैयार करवाई गई थी। इन राखियों को बहनों ने अपने भाईयों की कलाईयों में बांधकर आगामी निर्वाचन में मतदान अनिवार्य रूप से करने का संदेश दिया।
बसों में सामान्य तो ट्रेनों में रही ठसाठस भीड़
रक्षाबंधन के दिन आसमान से बारिश की रिमझिम फुहारें पड़ती रही, जिससे बसों में यात्रियों की सामान्य भीड़ ही देखी गई, जबकि कई ट्रेनों में यात्रियों की ठसाठस भीड़ रही। सबसे ज्यादा लोकल ट्रेनों में संभागीय मुख्यालय के आसपास के क्षेत्र के लोगों की ज्यादा भीड़ रही।