इस मेले में शामिल होने आते हैं दूर-दूर के लोग
सबसे बड़े मेले की तैयारियां शुरू, इस मेले का रहता है लोगों को इंतजार
शहडोल- संभाग का सबसे बड़ा मेला होता है बाणगंगा मेला। कई सालों से ये मेला लगता आ रहा है। इस मेले की ख्याति दूर-दूर तक है। शहर क्या संभाग के गांव-गांव से लोग इस मेले को देखने के लिए आते हैं।
बाणगंगा का ये मेला संभाग की संास्कृतिक विरासत को समेटे हुए है।
ऐतिहासिक बाणगंगा मेला हर साल की तरह इस साल भी 14 जनवरी से भरेगा। जिसके लिए तैयारियां शुरू हो गई है। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं, तो कुछ दुकान सजाने की तैयारी में हैं। बाणगंगा के इस ऐतिहासिक मेले के लिए झूले लग गए हैं। सिलवट टांकने वाले कारीगर भी आ गए हैं।
बाणगंगा का ये मेला मकर संक्रांति के दिन से शुरू होता है। जहां श्रृद्धालु बाणगंगा कुंड में डुबकी लगाकर कल्चुरी कालीन विराट मंदिर में भगवान भोले शंकर की पूजा बड़े ही श्रृद्धा के साथ करते हैं और साथ में मेले का लुत्फ उठाते हैं।
मेले को लेकर लोगों में अभी से उत्साह
बाणगंगा के इस मेले को लेकर काफी पहले से बच्चों से लेकर बड़ों तक में उत्साह होता है। इस मेले में काफी भीड़ होती है। ये मेला पूरे 5 दिन तक लगता है। और जितने दिन तक ये मेला लगता है वहां लोगों की काफी भीड़ देखने को मिलती है।
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मोटिवेशनल शिविर 15 से
शहडोल- सहायक आयुक्त ने बताया कि हायर सेकेण्ड्री बोर्ड परीक्षा परिणामों में बेहतर सुधार के लिए विद्यार्थियों के लिए विद्यालय स्तर पर मोटीवेशनल शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ अभिभावक तथा स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। उन्होने बताया कि जो विद्यार्थी 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैं उनकी पूरी फीस शासन स्तर से देय होती है। शिविर में विद्यार्थियों को विशेष रूप से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा । साथ ही जेईई एवं नीट तथा अन्य राष्ट्रीय स्तर के संस्थाओं मे प्रवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होने बताया कि 15 से 30 जनवरी के बीच मोटिवेशनल शिविर आयोजित किए जाएंगे।