शहडोल

बाघों के लिए कब्रगाह साबित हो रहा ये इलाका, 15 दिन में 3 बाघों का शिकार

एक तेंदुए का भी हो चुका है शिकार

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Dec 11, 2017
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शहडोल- शहडोल संभाग में बाघ के मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। बैक टू बैक बाघों के मौत की खबर सामने आ रही हैं। शहडोल संभाग से लगे घुनघुटी के अंतर्गत आने वाले काचोदर में इस बार बाघ की मौत हुई है । बाघ का शव एक हफ्ते पहले का दिख रहा है। शव को देखकर ऐसा लग रहा है की बाघ की मौत करंट से हुई है। मौत के बाद बाघ को जंगल में पेड़ की डालियों से छिपा दिया गया था।
बाघ के शव को देखकर शिकार करने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है की संभाग में इन दिनों बाघों की लगातार मौत हो रही है। अभी 15 दिन नहीं हुए हैं ये तीसरा बाघ मरा हुआ पाया गया है।

पहले कल्याणपुर क्षेत्र में मिला बाघ का शव
नवंबर महीने में मुख्यालय से सटे कल्याणपुर गांव के जंगल में बाघ का संदिग्ध अवस्था में शव मिला था। सुबह चरवाहों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर शव को बरामद की थी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कल्याणपुर केन्द्रीय स्कूल के नजदीक झाडिय़ों में बाघ का शव मिला था। सुबह स्थानीय लोगों ने झाडिय़ों में बाघ का शव देखा, जिसकी सूचना आला अधिकारियों को दी।

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घुनघुटी रेंज में बाघ का शिकार
शहर के कल्याणपुर में बाघ के मौत मामले की मिस्ट्री अभी सुलझी नहीं थी कि शिकारियों ने घुनघुटी रेंज में बांधवगढ़ के बाघ का शिकार करके वन विभाग की सुरक्षा की कलई खोल दी। वारदात घुनघुटी रेंज अंतर्गत धोरई बीट के घघडार जंगल की थी। इस बाघ का शिकार करंट लगाकर किया गया था। शाम को मवेशियों को चराने गई एक महिला ने घघडार के जंगल में बाघ का शव देखा, जिसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी थी। बाघ के दोनों पैरों में गंभीर चोट के निशान मिले थे। इसके अलावा मुंह में भी चोट मिली ।

गौरतलब है कि पहले कल्याणपुर के पास बाघ मरा हुआ मिला। अभी तक जिसकी पहचान ही नहीं हो सकी है की आखिर वो बाघ था कहां का ? फिर घुनघुटी रेंज में दूसरे बाघ का शिकार हो गया ।इस बाघ की मौत भी करंट लगने से हुई थी। और ये भी मृत अवस्था में ही मिला था। और अब इस तीसरे बाघ की मौत हो चुकी है। ये भी मृत अवस्था में मिला है और इसकी मौत भी करंट लगने से हुई है। अभी हाल ही में
संभाग में एक तेंदुए का भी शिकार हो चुका है।
लगातार हो रहे बाघ की मौत और तेंदुए के शिकार ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कि आखिर हो क्या रहा है। प्रशासन क्या कर रहा है, वन विभाग क्या कर रहा है। वन्य प्राणियों की मौत का सिलसिला आखिर थम क्यों ना रहा है। क्या वन्य प्राणी जंगल में भी अब सुरक्षित नहीं हैं। अब वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े चुके हैं।

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Published on:
11 Dec 2017 02:05 pm
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