इस बात को लेकर गर्माया है माहौल...
शुभम बघेल
शहडोल- विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं ने अपनी पेशबंदी शुरू कर दी है। सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभाग की 8 में से सात विधानसभा सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों पर आदिवासी नेता खुद को कद्दावर साबित करने में जुटे हैं। किसी ने किसानों पर फोकस किया है तो कोई गांवों की खाक छान रहा है। कुछ अपना टिकट बचाने के लिए भोपाल की परिक्रमा भी कर रहे हैं। कुछ सीट बदलने की फिराक में भी हैं। उधर उज्जैन की मीटिंग ने भाजपा विधायकों और नेताओं में बेचैनी पैदा कर दी है। गोड़वाना गणतंत्र पार्टी नेता भी खम ठोक रहे हैं।
जयसिंहनगर सीट पर कड़ी पेशबंदी
विधानसभा चुनाव को लेकर शहडोल के अधिकांश नेताओं की नजर जयसिंहनगर विधानसभा सीट के लिए है। स्थिति यह है कि कई दिग्गज और आदिवासियों के बीच पकड़ रखने वाले नेताओं ने तो अभी से शर्त रख दी है और जयसिंहनगर सीट पर तैयारी शुरू कर दी है।
विधायक घूम रहीं हर रोज पांच गांव
जयसिंहनगर विधायक प्रमिला सिंह प्रतिदिन पांच गांव घूम रहीं हैं। रूट चार्ट पहले से तैयार है। जिन गांवों में सबसे ज्यादा बुनियादी सुविधाओं का अभाव और समस्याएं हैं, उन पर पहले फोकस कर रही हैं। अपने रूटचार्ट में उन्होंने पहले गोहपारू ब्लॉक को शामिल किया है। यहां ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के अलावा सरकारी योजनाओं की मॉनीटरिंग कर रही हैं। उनका कहना है कि चुनाव की उनकी तैयारी पूरी है।
बड़े किसान आंदोलन से दिखा रहे ताकत
गोड़वाना गणतंत्र युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य तेज प्रताप उइके किसान आंदोलन को लेकर ताकत दिखा रहे हैं। ग्रामीण और आदिवासी समाज में पैठ होने की वजह से इन्हें भी विधानसभा में उतारा जा सकता है। जिपं सदस्य तेज प्रताप सभी ब्लॉकों में किसान आंदोलन भी करा रहे हैं। सूखा राहत सहित मुआवजा और किसानों की समस्याओं को लेकर निराकरण भी करा रहे हैं।
10 जनवरी से नरेंद्र मथेंगे पूरा संभाग
अजजा आयोग अध्यक्ष नरेन्द्र मरावी 10 जनवरी से पूरे संभाग में दौरा करने के लिए निकलेंगे। शहडोल संभाग के आदिवासी अंचलों में चौपाल लगाएंगे। नरेन्द्र मरावी के अनुसार इसमें सबसे ज्यादा आदिवासियों की समस्याओं पर फोकस किया जाएगा। यूथ को जोडऩे के अलावा ग्रामीणों की समस्या और मुद्दों पर बात की जाएगी। उन्हें हल करवाएंगे। चुनाव पर उनका कहना है कि पार्टी जो चाहेगी, करेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष पहुंच रहे गांव-गांव
जिला पंचायत अध्यक्ष नरेन्द्र मरावी गांव-गांव में संपर्क काफी समय से कर रहे हैं। राजनीति में नया चेहरा होने की वजह से आदिवासी और ग्रामीणों के बीच अपनी पैठ बना रहे हैं। हाल ही में नरेन्द्र मरावी दो दर्जन से अधिक गांवों का दौरा कर चुके हैं। कई जगहों में भष्टाचार उजागर करते हुए प्रशासन को खामियां बताई थी। गांवों में समस्या सुन रहे हैं। हाल ही में डीपीसी के खिलाफ आंदोलन को लेकर चर्चा में भी रहे हैं।
फिर से दावेदारी के लिए बढ़ाई सक्रियता
विधायक जयसिंह मरावी ने भी ग्रामीणों की समस्याओं पर फोकस किया हुआ है। ग्रामीण और आदिवासियों के राशन कार्ड, खाद्यान्न, मजदूरी, पेंशन, सड़क, पुलिया, घर - घर बिजली के लिए विधायक घूम रहे हैं। समस्या निवारण शिविर में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई है। समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं और फोन पर ही निराकरण के लिए भी दबाव बना रहे हैं।