प्रशिक्षित महिलाओं का दल यूपी के लिए रवाना
शहडोल. जिले में ही नहीं वरन जिले से बाहर आजीविका मिशन द्वारा प्रशिक्षित सीआरपी अपने हुनर का प्रदर्शन करने हेतु एवं जैविक कृषि को लाभ का धंधा बनाने की योजना के अनरूप ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा चिन्हित एवं प्रशिक्षित की गई 518 महिलाओं में से 75 महिला कृषि सीआरपी का दल 14 मार्च को जबलपुर हेतु रवाना हुआ। जहां इन महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन के कृषि विशेेषज्ञ मनीष पवार के सानिध्य में कृषि सीआरपी को एसआईआरडी जबलपुर में प्रशिक्षण दिया जावेगा एवं इसके उपरांत ये सभी 75 कृषि सीआरपी 17 मार्च को उत्तरप्रदेश के झांसी, चित्रकूट, महोबा, ललितपुर, हमीरपुर, बांदा, जालौन आदि जिलों में जाकर आगामी 15 दिनों तक वहां की ग्रामीण महिलाओं को जैविक उन्नत कृषि का प्रशिक्षण देगी। ग्रामीण आजीविका मिशन की इस अभिनव पहल से इन महिलाओं को इन 15 दिनों में उत्तरप्रदेश में कार्य करने के फलस्वरूप लगभग 15900रुपये का मानदेय प्राप्त होगा, वहीं उनके हौसलों में भी बढ़ेात्तरी होगी।
इसके पूर्व भी शहडोल जिले की सीआरपी का दल उत्तरप्रदेश, हरियाणा एवं मध्यप्रदश के कई जिलों में जाकर कई प्रकार के प्रशिक्षण दे चुका है। ग्रामीण आजीविका मिशन शहडोल की जिला प्रबंधक कृषि अदिति राजपूत द्वारा बताया गया कि भेजी गई कृषि सीआरपी द्वारा उत्तरप्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु नीमास्त्र, बृम्हास्त्र, अग्यिास्त्र, पोषणवाटिका, जैविक खाद निर्माण, एडब्यूआई, एसआरआई, एसएमआई वर्मीकम्पोस्ट, वर्मीवॉश, महिला सशक्तिकरण आदि विषयों में प्रशिक्षण दिया जावेगा एवं निर्माण करने का कार्य करेंगे जिसके अनुरूप उन्हें यूपीएसआरएलएम से 980 रुपये प्रतिदिन का मानदेय प्राप्त होगा। इस प्रकार इन महिलाओं को लगभग 11.50 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो जायेगी। जिला परियोजना प्रबंधक शैलजा सिंह द्वारा बताया गया कि शासन की मंशानुरूप कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देशन में ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा महिलाओं के बेहतरी के लिये एवं उन्हे संवहनीय आजीविका देने के प्रयास किये जा रहें है, इसी क्रम में जिले की उत्कृष्ट महिलाओं को चिन्हित कर उत्तरप्रदेश भेजा गया है। भेजी गई 75 महिलाओं को प्रति दिवस 980 रुपये के मान से 15 दिवस की राशि एवं आने-जाने के किराया हेतु राशि उत्तरप्रदेश शासन द्वारा इन महिलाओं को प्रदाय की जावेगी।