शाहजहांपुर

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद की हालत नाजुक, लखनऊ में चला इलाज, अब शाहजहांपुर आश्रम में हैं मौजूद

Swami Chinmayanand Health: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता स्वामी चिन्मयानंद की तबीयत नाजुक बनी हुई है। लखनऊ में इलाज के बाद अब उन्हें शाहजहांपुर के मुमुक्षु आश्रम लाया गया है। पूरी खबर पढ़िए...
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Updated: 12 Sep 2026, 7:39 PM IST
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पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद (PC: vrindavantoday.org)

Swami Chinmayanand Health Condition Update: पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी चिन्मयानंद की तबीयत काफी नाजुक बताई जा रही है। बढ़ती उम्र और उससे जुड़ी कई गंभीर बीमारियों के कारण उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। पिछले लगभग एक सप्ताह से राजधानी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

मुमुक्षु आश्रम लाए गए स्वामी चिन्मयानंद

लखनऊ में इलाज के बाद फिलहाल स्वामी चिन्मयानंद को शाहजहांपुर स्थित उनके मुमुक्षु आश्रम (दिव्य धाम) में वापस ले आया गया है। आश्रम प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। उनकी नाजुक तबीयत की खबर जैसे ही बाहर आई उनके समर्थकों, अनुयायियों और आश्रम से जुड़े लोगों में गहरी चिंता का माहौल छा गया है। बड़ी संख्या में उनके शुभचिंतक उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

कौन हैं स्वामी चिन्मयानंद

स्वामी चिन्मयानंद का मूल नाम कृष्णपाल सिंह बताया जाता है। वह उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से M.A की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के साथ राजनीति में भी सक्रिय हुए। राजनीति से अलग शाहजहांपुर में उनका बड़ा जुड़ाव शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से भी रहा है। मुमुक्षु शिक्षा संकुल में कई शिक्षण संस्थान संचालित होते रहे हैं। लंबे प्रयास के बाद 2026 में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के रूप में इस शिक्षा संकुल को नई पहचान मिली।

'राम जन्मभूमि आंदोलन' में निभाई थी अहम भूमिका

स्वामी चिन्मयानंद का राजनीतिक और सामाजिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। वह बीजेपी के उन कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने राम मंदिर निर्माण की अलख जगाई थी। राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए संगठन के कई बड़े दायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ संभाला था।

2019 में लॉ स्‍टूडेंट ने दुष्‍कर्म के लगाए थे आरोप

2019 में स्‍वामी चिन्‍मयानंद बड़े विवाद में आ गए थे। एक लॉ कॉलेज की छात्रा ने उन पर दुष्‍कर्म के गंभीर आरोप लगाए थे। काफी समय तक चिन्‍मयानंद जेल में रहे। 2024 में लंबी अदालती कार्रवाई के बाद वह इन आरोपों से बरी हो गए। बता दें कि 2024 में जेल से बाहर निकलने के बाद स्‍वामी चिन्‍मयानंद ने राजनीति से संन्‍यास ले लिया।

बदायूं और जौनपुर से रह चुके हैं सांसद

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी गहरी पैठ रही है। स्वामी चिन्मयानंद न केवल पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रहे हैं बल्कि उन्होंने बदायूं और जौनपुर जिले की मछलीशहर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर बीजेपी सांसद के रूप में भी जनता का प्रतिनिधित्व किया है। इस तरह वह तीन बार लोकसभा सदस्य रहे। वह लंबे समय से शाहजहांपुर के इसी मुमुक्षु आश्रम से जुड़े हुए हैं और यहीं से अपनी राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियों का संचालन करते रहे हैं। फिलहाल उनके गिरते स्वास्थ्य को लेकर पल पल की अपडेट ली जा रही है।

Updated on:
12 Sep 2026, 7:39 PM IST
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