ख़ास बात ये भी है कि तिरंगा बैंककर्मियों ने टेढ़े - मेड़े डण्डे में लगाया, जिससे ध्वज सीधा भी नहीं रह सका।
शाहजहांपुर। यहां यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का बड़ा कारनामा सामने आया है। 26 जनवरी, 2018 को सुबह बैंक शाखा पर झन्डा फहराने के बाद उसे 36 घंटे तक उतारा ही नहीं गया। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने 36 घन्टे के बाद झण्डे को उतरवाया। ख़ास बात ये भी है कि तिरंगा बैंककर्मियों ने टेढ़े - मेड़े डण्डे में लगाया, जिससे ध्वज सीधा भी नहीं रह सका। फिलहाल बैंक प्रबन्धक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। थाना पुलिस ने पूरी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी भेज दी है। इसके बाद बैंक के आला अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस को तहरीर दी
घटना थाना पुवायां इलाके की है, जहां यूनियन बैंक आफ इन्डिया में 26 जनवरी केा सुबह टेढ़े मेढ़े डण्डे में झन्डा फहराया गया। ध्वज फहराने के बाद बैंक मैनेजर और स्टाफ बैंक में ताला डालकर चले गए। शाम को झंडे को उतारा ही नहीं गया। यही नहीं, बैंक पर शाम होने के बाद पूरी रात और फिर शनिवार को पूरे दिन झन्डा लगा रहा। लोगों ने झंडा लगा देखा तो शिकायत पुलिस से की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां छुट्टी के कारण बैंक बन्द था। बाद में सीढ़ी की मदद से झंडे को थाना के पुलिसकर्मियों ने उतारा। कस्बे के ही कुछ लोगों ने मामले में बैंक मैनेजर और बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर पुलिस में तहरीर दी गई है।
पुलिस ने कहा- बैंक अधिकारी दोषी
पुवायाँ कोतवाली के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह सोलंकी के अनुसार पुलिस की जांच में पाया गया कि बैंक वालों ने पूरी तरह से अपमान किया। पिछले 36 घंटे से शाम और रात को बैंक की शाखा पर राष्ट्रीय ध्वज लगा रहा। बैंक के अधिकारी पूरी तरह से जांच में दोषी पाए गए है। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। आपको बता दें कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने से पहले उससे संबंधित नियम कायदो की जानकारी होना बेहद जरूरी है। ध्वज नियत अनुपात में होना चाहिए। ध्वज साफ़ सुथरा खादी के कपड़े से तैयार हुआ होना चाहिए। नियमानुसार सूर्यास्त से पहले राष्ट्रीय ध्वज को ससम्मान उतार लेना चाहिए।