
Shahjahanpur Lok Sabha Seat: लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण के बीच यूपी की सीटों पर सपा उम्मीदवार बदलने का क्रम जारी है। यूपी के शाहजहांपुर में अब सपा ने नामांकन के बाद अपना प्रत्याशी बदल दिया है। दरअसल यहां शुक्रवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए किए गए नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस दौरान समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रत्याशी राजेश कश्यप का नामांकन पत्र जिला निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया।
बताया गया कि उनके प्रस्तावकों में कुछ गड़बड़ी थी। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय से एक पत्र भी निर्वाचन अधिकारी को भेजा गया। इसमें ज्योत्सना गोंड को शाहजहांपुर से सपा की प्रत्याशी बताया गया है। उधर, शाहजहांपुर सीट से सपा प्रत्याशी राजेश कश्यप का आरोप है कि राजपाल कश्यप ने उनके साथ खेल कर अपनी भांजी ज्योत्सना गोंड को सपा से प्रथम प्रत्याशी करा दिया। उनका परचा खारिज कर दिया गया है।
समाजवादी पार्टी के एक ही सिंबल पर पहले राजेश कश्यप और बाद में डमी प्रत्याशी के तौर पर हरदोई की निवासी ज्योत्सना गोंड ने नामांकन पत्र जमा किया था। पहले से ही राजेश कश्यप के जाति प्रमाण पत्र को लेकर चर्चा आम हो गई थी। चर्चा थी कि राजेश कश्यप मूल रूप से यूपी के बरेली जिले के निवासी हैं, लेकिन वह दिल्ली में ही रहे। वहां उनका जाति प्रमाण एससी वर्ग का बना है, जबकि यूपी में कश्यप ओबीसी वर्ग में आते हैं। इस बिंदु पर समाजवादी पार्टी को पहले से नामांकन रद होने की आशंका थी, इसलिए सपा ने हरदोई की निवासी ज्योत्सना गोंड का भी नामांकन करा दिया।
ज्योत्सना सपा के बड़े नेता राजपाल यादव की भांजी बताई जाती हैं। सपा के मुख्य प्रत्याशी राजेश कश्यप नामांकन रद होने के बाद बहुत भावुक हो गए। उन्होंने एक नेता के गले लगकर दुख जताया। मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। शाहजहांपुर में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए 25 अप्रैल को अंतिम तारीख तक 21 लोगों ने नामांकन कराए थे। जिसमें राजेश कश्यप का नामांकन रद हो गया। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि राजेश कश्यप समाजवादी पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
शाहजहांपुर लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी राजेश कश्यप का पर्चा खारिज होने के बाद कयास लगाया जा रहा है कि राजेश कश्यप भाजपा में शामिल हो सकते हैं। जानकारों का कहना है कि अगर राजेश कश्यप भाजपा में शामिल होते हैं तो शाहजहांपुर में सपा को अच्छा खासा नुकसान हो सकता है। बताया जा रहा है कि राजेश कश्यप सपा के वोटबैंक में सेंध लगाकर भाजपा को फायदा पहुंचा सकते हैं।