शाहजहांपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने निजी रंजिश के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी। पकड़े जाने पर मामला खुला तो सब हैरान रह गए।
आरोपी का मकसद धमकी देने से ज्यादा अपने विरोधियों को झूठे मामले में फंसाना था। आरोपी ने पुलिस को डाक के जरिये एक धमकी भरा पत्र भेजा, जिसमें उसने खुद को आईएसआई का एजेंट बताया और अपने विरोधियों के नाम भी शामिल कर दिए।
जैसे ही यह पत्र शाहजहांपुर के एसपी कार्यालय में पहुंचा, पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और सदर बाजार थाने में उपनिरीक्षक दिनेश कुमार की ओर से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजीम, निवासी गुनारा, जलालाबाद के रूप में हुई है। पूछताछ में अजीम ने स्वीकार किया कि उसने यह पत्र अपने ही गांव के दो लोगों नफीस और आबिद से रंजिश के चलते भेजा था। उसका उद्देश्य था कि इन दोनों को पुलिस पकड़ कर जेल भेज दे।
जानकारी के मुताबिक, अजीम की भाभी जैनब अंजुम ने गांव में प्रधानी का चुनाव लड़ा था जिसमें नफीस और आबिद ने उनके विरोधी प्रत्याशी का समर्थन किया था। यही नहीं, अजीम पर पहले से धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा सीतापुर में दर्ज था जिसमें वह जेल भी गया था। इस केस में नफीस और आबिद ने आरोपी के खिलाफ गवाही दी थी, जिससे उसकी नाराजगी और बढ़ गई।
इन सब घटनाओं से आहत होकर अजीम ने बदला लेने के लिए एक खतरनाक साजिश रच डाली। उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी भरा पत्र भेजा और उसमें नफीस और आबिद के नाम शामिल कर दिए, जिससे उन पर शक जाए और पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले।
पुलिस ने अजीम को मंगलवार सुबह रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र में स्थित एक गोशाला के पीछे से गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस मामले से साफ है कि व्यक्तिगत दुश्मनी किस हद तक किसी को ले जा सकती है और कैसे गंभीर अपराध की योजना सिर्फ बदले की भावना में बनाई जा सकती है।