
शाजापुर. रूपहले पर्दे पर आने का सपना तो कई देखते हैं, लेकिन वहां तक पहुंचना हर किसी के लिए संभव नहीं होता है। बात जब छोटे से शहर की हो तो सपना और भी दूर हो जाता है, लेकिन आगर जिले के सुसनेर की एक बेटी ने न सिर्फ सपने को पूरा करने की ठानी बल्कि पर्दे पर पहुंचकर अभिनय के दम पर सफलता भी प्राप्त कर रही है।
हम बात कर रहे हैं आगर जिले के सुसनेर निवासी स्नेहा पिता विष्णु भावसार की। सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु भावसार और पूर्व पार्षद आशा भावसार की बेटी स्नेहा का बचपन से सपना इंडस्ट्री में जाने का था। 12वीं पास करने के बाद जब पिता ने स्नेहा से भविष्य के बारे में पूछा तो उसने सपना पिता के सामने रखा। छोटे से शहर से निकालकर अपनी बेटी को इंडस्ट्री तक पहुंचाने के लिए भावसार ने प्रयास शुरू किए। प्रयास से सफलता मिली और सबसे पहले स्नेहा को एक बैंक के 6 विज्ञापनों में काम करने का मौका मिला।
इसके बाद स्नेहा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बैंक के विज्ञापन करने के बाद स्नेहा को एक और विज्ञापन मिला। यहां से स्नेहा को लगातार ऑफर मिलना शुरू हो गए।
यू-ट्यूब पर प्रसारित होने वाले एक न्यूज चैनल में बतौर एंकर काम करने के बाद स्नेहा ने टीवी चैनल कलर्स गुजराती पर आने वाले 'लक्ष्मी सैदव मंगलम् नाटक में बसंती का किरदार निभाया। इसके बाद स्नेहा को सोनी टीवी पर प्रसारित नाटक 'मेरे साईं में 'नुसरत का किरदार निभाया। इसके बाद स्टार प्लस पर प्रासारित होने वाले 'ये रिश्ता क्या कहलाता है में 'नायरा की सहेली 'निशा का किरदार निभाने का मौका मिला।
अब बड़े पर्दे पर भी नजर आएगी 'स्नेहा
मंगलवार को शाजापुर पहुंची स्नेहा ने पत्रिका से चर्चा में बताया हालही में उसे जीवीजी प्रोडक्शन की फिल्म 'खेल खल्लास में 'लीसा का मुख्य किरदार निभाने का मौका मिला है। जल्द ही ये फिल्म रिलिज होगी। स्नेहा ने बताया कि पिता ने उन्हें हमेशा आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। इंडस्ट्री में जाने के लिए प्रयास करने के दौरान पिता ने पूरा सपोर्ट करते हुए स्वयं भी अभियन शुरू किया। कई सीरियल में पिता ने भी भूमिका निभाई।
कड़ी मेहनत और पिता के सहयोग से स्नेहा ने करीब ढाई साल के कॅरियर में ही इंडस्ट्री में अपनी एक जगह बना ली है। स्नेहा ने बताया कि उसका सपना माधुरी दीक्षित की तरह बनने का है।