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दर्दनाक मंजर…आवारा कुत्ते ने ऐसा दौड़ाया कि कुएं में गिरे 13 हिरण, शुजालपुर में एक भी नहीं बचा

Death of 13 deer: खेत के मालिक कीटनाशक डालने पहुंचे थे इसी दौरान घटना की जानकारी हुई। मृत हिरणों में चार नर एवं नौ मादा हैं।
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Death of 13 deer: 13 हिरणों की मौत (Photo Source - Patrika)

Death of 13 deer: 13 हिरणों की मौत (Photo Source - Patrika)

Shujalpur news: मध्यप्रदेश के शुजालपुर अनुभाग की कालापीपल तहसील के खरदौनकलां में सुबह हृदयविदारक घटना सामने आई। गांव से लगे एक खेत के कुएं में 13 हिरणों और एक कुत्ते के शव मिलने से सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। वन विभाग और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तथा सभी वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कराया।

बताया जा रहा है कि खेत के मालिक फसल पर कीटनाशक छिड़काव करने पहुंचे थे। इसी दौरान नजर खेत स्थित कुएं में पड़ी, जहां बड़ी संख्या में हिरण मृत दिखे। उन्होंने तत्काल सरपंच को सूचना दी। इसके बाद पुलिस के माध्यम से वन विभाग को अवगत कराया।

एक साथ कुएं में गिरे 13 हिरन

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हिरणों का समूह किसी आवारा श्वान से बचने के लिए तेज गति से भाग रहा था। इसी दौरान अंधाधुंध दौड़ते हुए सभी कुएं में गिर गए। जिस कुत्ते से वे बचने का प्रयास कर रहे थे, वह भी कुएं में गिर गया और उसकी भी मौत हो गई। मृत हिरणों में चार नर एवं नौ मादा हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुएं पर सुरक्षा के लिए मुंडेर बनी हुई है, लेकिन एक हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला। आशंका है इसी स्थान से हिरण कुएं में गिरे।

घटना कब हुई, इसका स्पष्ट पता नहीं चल सका। हालांकि जब खेत मालिक रविवार को पहुंचे तो तेज दुर्गंध आ रही थी। नीचे देखने पर हिरणों और श्वान के शव सड़-गल चुके थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत एक-दो दिन पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल सरपंच को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और वन विभाग मौके पर पहुंचा।

मृत वन्यजीवों का हुआ अंतिम संस्कार

सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी, नायब तहसीलदार तथा विभागीय अमला मौके पर पहुंचा। वन्यजीव संरक्षण के नियमों के तहत पंचनामा तैयार किया गया, शवों का परीक्षण करवाते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई। वन्य अमले ने ग्रामीणों के सहयोग से मृत वन्यजीवों का अंतिम संस्कार किया।

शुजालपुर-कालापीपल क्षेत्र हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। खेतों और खुले इलाकों में अक्सर हिरणों के झुंड देखे जाते हैं। हिरणों की बढ़ती संख्या एवं किसानों की परेशानी को देखते हुए पूर्व में विशेष अभियान चलाक हेलिकॉप्टर की मदद से बड़ी संख्या में हिरणों को पकड़कर प्रदेश के विभिन्न अभयारण्यों में स्थानांतरित किया जा चुका है। बावजूद क्षेत्र में आज भी बड़ी संख्या में वन्यजीव विचरण करते हैं।