
Digvijaya Singh : पूर्व दिग्विजय सिंह ने रविवार को शाजापुर में मां राजराजेश्वरी माता मंदिर में पूजा कर यात्रा प्रारंभ की। उनकी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का छठवां दिन है। दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह भी यात्रा में शामिल हैं। कई जगह पर उन्होंने महिलाओं से चर्चा की। मंदिर के स्वरूप की झांकी, श्रीराम के जयकारों के साथ चल रही यात्रा-यात्रा में मंदिर स्वरूप की झांकी शामिल है। डीजे पर लगातार श्रीराम के जयकारे चल रहे हैं। रविवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, एक हाथ से लाठी टेक और दूसरे हाथ में एक युवक का हाथ थामकर चलते नजर आए। उनकी यात्रा में कांग्रेसियों का हुजूम उमड़ा है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार शाम को सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा लेकर शाजापुर में प्रवेश किया था। उज्जैन जिले की सीमा से शाम साढ़े 4 बजे यात्रा जादमी पहुंची थी। यहां से भदौनी से करेड़ी नाका होते दुपाड़ा रोड से यात्रा ने शाजापुर नगरीय सीमा में प्रवेश किया। जगह-जगह लोगों एवं कांग्रेसियों ने स्वागत किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा भी पैदल चलते रहे। बड़ी संख्या में कांग्रेस भी सम्मिलित रहे। श्रीराम भजनों के साथ ही बनाए स्वागत द्वार और मंच से पुष्पवर्षा की गई। हालांकि सिंह के पहुंचने पर सभी से पुष्पवर्षा नहीं करने के लिए कहा गया। यात्रा के दौरान चारपहिया के काफिले के कारण जाम की भी स्थिति बनती रही।
मीडिया से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने कहा मंदिरों में चढ़ावा और चंदा चोरी करने वालों को समझाइश देने की बजाय उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र व संविधान खतरे में हैं, इसलिए सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू की।
यात्रा काशी नगर रोड स्थित मैरिज गार्डन में पहुंची। यहां पर पदमश्री प्रहलादसिंह टिपानिया की भजन संध्या हुई। सभी के भोजन एवं रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई। पूर्व मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम विश्राम गृह में हुआ। यहां से निकलकर यात्रा सात इमली हनुमान मंदिर पहुंचेगी। यहां किसान संवाद होगा। इसके बाद हाईवे होते यात्रा पनवाड़ी पहुंचेगी। यहां धर्मसभा होगी। इसके पश्चात जलोदा स्थित वाटर पार्क में रात्रि विश्राम होगा। यहां से सोमवार को यात्रा सारंगपुर रवाना होगी।
Office Of Digvijaya Singh ने रविवार को एक्स हेंडल पर लिखा:
माँ राजराजेश्वरी जी से सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की तथा सत्य, धर्म और स्वाभिमान की इस पदयात्रा को सफल बनाने का आशीर्वाद प्राप्त किया।
माँ का आशीर्वाद, सत्य का संकल्प और धर्म के प्रति अटूट आस्था ही हमारी शक्ति है।
जय माता दी! जय सियाराम!