होमगार्ड के ट्रेनर ने बताए भीड़ को नियंत्रित करने के तरीके
शाजापुर. अस्पताल में आए दिन मरीज के परिजनों द्वारा चिकित्सकों के साथ अभद्रता और मारपीट की जाती है। इतना ही नहीं, कई बार बेकाबू भीड़ अस्पताल में तोडफ़ोड़ तक कर देती है, जब भी स्थिति बेकाबू हो, तो उससे निपटने के लिए पुलिस का इंतजार नहीं करें, बल्कि उसे खुद ही काबू में लाने का प्रयास करें। कुछ ऐसी ही ट्रेनिंग बुधवार को अस्पताल में पदस्थ सुरक्षा गार्ड को दी गई।
आपात स्थिति से निपटने के लिए दिया प्रशिक्षण
जिला अस्पताल में पदस्थ गार्डों को बुधवार को होमगार्ड के अनुभवी प्रशिक्षक ने आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया। साथ ही अनुशासन बरतने की भी सलाह दी। उन्होंने गार्डों को किसी भी घटना से निपटने के लिए क्या करना चाहिए इस बारे में भी समझाया। अस्पताल स्टाफ ने भी उनका स्वागत किया।
जब हंगामा हो तो ये करें
जिला अस्पताल में आए दिन हंगामे होते रहते हैं। कभी मरीजों के परिजन चिकित्सकों पर नाराजगी जाहिर करते हैं तो कई बार अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर यहां लोग आक्रोशित हो जाते हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में पदस्थ गार्ड प्रशिक्षित न होने के कारण दुविधा में फंस जाते हैं।
12 गार्डों को किया प्रशिक्षित
बुधवार को अस्पताल में होमगार्ड के अनुभवी प्रशिक्षक भंवरसिंह ने सुबह अस्पताल परिसर में गार्डों को अनुशासन के बारे में बताया, क्योंकि जिला अस्पताल में पदस्थ गार्ड कई बार स्थिति से निपट नहीं पाते। अस्पताल में भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाए इसके लिए भी उन्होंने जिला अस्पताल के सभी 12 गार्डों को प्रशिक्षित किया। इसके पूर्व अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एसडी जायसवाल ने प्रशिक्षक भंवरसिंह का स्वागत किया।