आयोजन में शामिल ग्रामीणों ने पटवारी की शिकायत की, जिसपर मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंच से ही पटवारी को सस्पेंड करने का निर्देश दे दिये।
मध्यप्रदेश के लिए ये चुनावी साल है। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ साथ सरकार के मंत्री भी एक्शन मोड में आ गए हैं। हालही में आपने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मंच से अधिकारी - कर्मचारियों को सस्पेंड करते देखा होगा। लेकिन, ऑन द स्पॉट फैसले की परंपरा हालही में मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी निभाते नजर आए। दरअसल, मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के अंतर्गत आने वाले शुजालपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री इंदर सिंह परमार पहुंचे। बता दें कि, ये इलाका मंत्री जी की विधानसभा सीमा में भी आता है। आयोजन में शामिल ग्रामीणों ने पटवारी की शिकायत की थी। जिसके बाद मंत्री ने मंच से ही पटवारी को सस्पेंड करने का निर्देश दे दिये।
शाजापुर जिले के अंतर्गत आने वाले शुजालपुर विधानसभा इलाके में लगने वाले ग्राम बोरसाली में शनिवार की शाम 6 बजे विकास यात्रा पहुंची। इस दौरान मंत्री इंदर सिंह को ग्रामीणों ने लिखित में आवेदन दिया। ग्रामीणों की शिकायत थी कि, उनके क्षेत्र में सेवारत पटवारी बिना पैसे लिए कोई काम ही नहीं करता, जिस किसी को कोई बी काम कराना हो, पहले उसे रिश्वत देनी पड़ती है, तब कहीं जाकर कोई भी कार्य कराया जा सकता है।
मंच से पटवारी निलंबित
इसके बाद मंच से मंत्री परमार ने चर्चा शुरू की, तो अन्य लोगों ने भी हाथ खड़े कर पटवारी की शिकायत बताई, इसपर शुजालपुर विधायक इंदर सिंह परमार ने हल्का पटवारी महेश धानुक को मंच से ही तत्काल निलंबित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए। आपको बता दें कि, इस दौरान विकास यात्रा में शाजापुर एसडीएम नरेंद्र नाथ पांडे और तहसीलदार राजाराम करजरे समेत अन्य जिला प्रशासनिक अफसर भी मौजूद थे।