
शाजापुर. शहर के बीच सोमवारिया बाजार में पुराना थाना परिसर में संचालित हो रही सिटी पुलिस चौकी के बाहर गुरुवार सुबह से एक काले रंग की कार (एमपी 20 सीडी 5110) लावारीस हालत में खड़ी हुई थी। काफी देर तक इंतजार के बाद भी जब कोई इस कार को लेने यहां नहीं पहुंचा तो पुलिस चौकी के स्टॉफ ने कार मालिक की तलाश शुरू की। जब इसका भी कोई पता नहीं लगा तो शीशों पर काली फिल्म चढ़ी हुई कार का लॉक खुलवाने के लिए पुलिस चाबी बनाने वाले को लेकर आ गई। इसके पहले लॉक खोला जाता कार का मालिक यहां आ गया। उसने बताया कि गाड़ी उसने 3 माह पहले ही खरीदी है। काली फिल्म लगी होने के मामले में पुलिस ने फिल्म उतरवाकर संबंधित का एक हजार रुपए का चालान भी बनाया। दोपहर के समय जब निर्भया प्रभारी लीला सोलंकी कार्यालय पहुंची तो देखा कि चौकी के बाहर कार खड़ी हुई है। जिस पर काली फिल्म लगी हुई है। इस पर सोलंकी ने काफी देर तक कार मालिक का इंतजार किया, लेकिन जब कार मालिक नहीं आया तो उसकी तलाश की गई। बाद में कार का लॉक खुलवाने के लिए चाबी बनाने वाले को यहां पर बुलवाया गया। चाबी बनाने का काम शुरू होता इसके पहले कार मालिक यहां आ गया। कार मालिक ने अपना नाम शकिल पिता शाकीर मंसूरी ने बताया। इसके बाद कार की काली फिल्म को उतरवाकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाईकरते हुए एक हजार रुपए का चालान बनाया।
ससुर डीएसपी तो दामाद ने गाड़ी पर लिखवा लिया पुलिस
इस कार पर पुलिस भी लिखा हुआ था। ऐसे में जब निर्भया प्रभारी ने कार मालिक से पूछा कि पुलिस लिखवाने का कारण क्या है तो शकिल ने बताया कि उसके ससुर जबलपुर आईजी ऑफिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत है।कार पर काली फिल्म चढ़वाने के कारण पर शकील ने बताया कि उसने 3 माह पहले ही ये कार खरीदी है। जब कार खरीदी थी तो उस पर ही काली फिल्म चढ़ी हुई थी। जिसे अभी तक हटाया नहीं। पुलिस ने चालानी कार्रवाई के बाद उसे छोड़ दिया।