
ब्यावर. नगर परिषद सभागार में गुरुवार दोपहर बुलाई गई विशेष साधारण सभा में भाजपा पार्षद दल के पूर्व मुख्य सचेतक रविंद्र जॉय व पार्षद मनोज बाबेल के बीच मारपीट हो गई। वहां मौजूद अन्य पार्षदों ने बीच बचाव कर मामला शांत किया। दोनों ही दलों के पार्षदों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया। तकरीबन एक घंटे चले घटनाक्रम के बाद सदन की कार्रवाई वापस शुरू हुई।
लेकिन कांग्रेस व भाजपा पार्षद इस मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। आखिर सभापति बबीता चौहान ने आगामी साधारण सभा के लिए पूर्व मुख्य सचेतक व पार्षद जॉय को निलंबित कर दिया। लेकिन पार्षद बर्खास्त किए जाने की मांग कर रहे थे। पार्षद बाबेल सदन में सभापति के आसन के सामने धरने पर बैठे गए। सदन ने इस मामले में निदेशालय से मार्गदर्शन मांगे जाने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सदन की कार्रवाई शुरू हो सकी। भाजपा मंडल ने इस मामले की जानकारी जिलाध्यक्ष व प्रदेशाध्यक्ष को दर्ज करवाई है।
यूं चला घटनाक्रम
नगर परिषद सभागार में दोपहर 3 बजकर 2 मिनट पर सभापति बबीता चौहान सदन में पहुंची। राजस्व शाखा के बाहर लगाई गई कुर्सी पर पार्षद मनोज बाबेल बैठे थे। इसी दौरान वहां पर बाबेल व पूर्व मुख्य सचेतक जॉय के बीच मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि दोनों ने एक दूसरे पर लात- घूंसे चलाए। वहां बैठे पार्षद भगवतसिंह ने बीच बचाव करने का प्रयास किया लेकिन उनके साथ भी धक्का-मुक्की हो गई। मामला गरमाता देख अन्य पार्षदों ने बीच बचाव करके मामला शांत किया।
एक-दूसरे पर लगाए आरोप
सदन में हुई मारपीट के बाद दोनों ही पार्षदों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं कि पहल सामने से हुई। इसी कारण मारपीट हुई। पूर्व मुख्य सचेतक जॉय ने कहा कि वह सदन के मुख्य गेट के निकट बैठे थे। इस दौरान पार्षद बाबेल ने अंदर आते समय उनके साथ अभद्रता की। वह सदन शुरू होने से पहले बाबेल से पूछने के लिए गए थे। इस दौरान वहां पर मारपीट हो गई, जबकि बाबेल व अन्य पार्षदों का कहना था कि जॉय ने बाबेल के पास आकर पहले मारपीट शुरू की। थाने में दोनों ही पार्षदों ने एक दूसरे पर पहले मारपीट करने का आरोप लगाया है।

एक घंटे चली वार्ता
मारपीट के बाद मंडल अध्यक्ष जयकिशन बल्दुआ, दिनेश कटारिया सहित अन्य पदाधिकारी नगर परिषद पहुंचे। सभापति, पार्षदों सहित मंडल पदाधिकारियों के साथ एक घंटे तक वार्ता का दौर चला। इसमें भाजपा पार्षदों ने एक राय से जॉय के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद सभापति ने जॉय को आगामी सभाओं के लिए निलंबित कर दिया।
दस दिन से चल रहा है विवाद
पूर्व मुख्य सचेतक जॉय व पार्षद बाबेल के बीच विवाद तकरीबन दस दिन से चल रहा है। वार्ड 39 के उपचुनावों में भाजपा की जीत के बाद निर्वाचित पार्षद राधेश्याम प्रजापत का सभापति कक्ष में अभिनंदन कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान वहां हंसी मजाक के बीच जॉय व बाबेल के बीच विवाद हो गया। विवाद इस कदर बढ़ा कि दो दिन पूर्व जॉय को दबाव में आकर मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देना पड़ा।

सात मिनट तक नहीं पहुंची पुलिस
सदन में दोनों पार्षदों के बीच लात घंूसे चलते रहे। सभापति बबीता चौहान व आयुक्त माइक से पुलिस को अंदर आने के लिए कहते रहे। लेकिन सात मिनट तक पुलिस अंदर नहीं पहुंची। पार्षदों ने बीच बचाव करके मामला शांत करवाया। इसके बाद बाहर सुरक्षा के लिए खड़ी पुलिस सदन में पहुंची।
थाने पहुंचा मामला
मारपीट प्रकरण में कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा मंडल व जैन समाज के पदाधिकारी सिटी थाने पहुंच गए। उन्होंने सिटी थानाधिकारी को मामले में कार्रवाई के लिए लिखित में शिकायत दी। वहीं दूसरी ओर जॉय के समर्थन में थाने पहुंचे भाजपा के कुछ सदस्यों व समाज के लोगों ने भी बाबेल के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
