शाजापुर

शिक्षा मंत्री ने कान पकड़कर लगाई उठक-बैठक, वीडियो वायरल, ये है मामला

video viral: मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह कुछ लोगों के साथ कान पकड़कर किसी स्कूल के बच्चे की तरह उठक-बैठक करते हुए दिखाई दे रहे है।
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Feb 05, 2025
video viral of Higher Education Minister of mp Inder Singh Parmar doing situps

video viral: बचपन के दिनों में अगर स्कूल में गलती हो जाए तो कान पकड़कर उठक-बैठक लगाना आम बात थी, लेकिन जब यही सजा खुद एक मंत्री खुशी-खुशी लगाएं, तो मामला वाकई दिलचस्प हो जाता है। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार जब शुजालपुर के सीएम राइज स्कूल पहुंचे। यहां पूर्व छात्र सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में कई पूर्व छात्र, उद्योगपति, शिक्षक और रिटायर्ड कर्मचारी शामिल हुए, जिन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कान पकड़कर उठक-बैठक की। शिक्षा मंत्री के इस उठक-बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

स्कूल के पुराने दिनों की यादें ताजा

यह आयोजन शुजालपुर के पहले हाई स्कूल की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा था, जिसकी स्थापना 1931 में श्रीराम मंदिर के पीछे हुई थी। इसे लाल स्कूल के नाम से जाना जाता था। 1957 में यह वर्तमान सीएम राइज स्कूल में स्थानांतरित हुआ, और तब से हजारों छात्र यहां से पढ़ाई कर चुके हैं। इस सम्मेलन में ऐसे लोग भी शामिल हुए जो 67 साल बाद स्कूल लौटे, वहीं कुछ पूर्व छात्र 85 वर्ष की उम्र में लकड़ी के सहारे कार्यक्रम में पहुंचे।

मंत्री ने भी किया बचपन याद

मंत्री इंदर सिंह परमार जब स्कूल पहुंचे तो उन्होंने शिक्षकों, अधिकारियों और प्रोफेसरों से मुलाकात की। स्कूल के पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने खुद भी कान पकड़कर उठक बैठक लगाई, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। इस माहौल ने बचपन की उन सख्त लेकिन शिक्षाप्रद सज़ाओं की याद दिला दी जो शिक्षक छात्रों को अनुशासन में रखने के लिए देते थे। पूर्व छात्रों ने अपनी क्लासरूम यादों को ताजा करते हुए टेबल बजाकर गाने गाए और शिक्षकों के नाम लेकर ‘अमर रहे’ के नारे लगाए। इस दौरान ग्रुप फोटो भी खिंचवाई गई, जिससे यह आयोजन एक यादगार पल बन गया।

नई शिक्षा नीति पर मंत्री का जोर

मंत्री परमार ने नई शिक्षा नीति को लेकर कहा कि इससे बड़ा परिवर्तन आने वाला है। अब शिक्षक ‘बाय चांस’ नहीं बल्कि ‘बाय चॉइस’ बनेंगे। उन्होंने भारत की प्राचीन शिक्षा प्रणाली को गौरवशाली बताते हुए कहा कि भारत ने आयुर्वेद, गणित, इंजीनियरिंग और संस्कृति में विश्व का मार्गदर्शन किया है, इसलिए इसे विश्व गुरु कहा जाता है।

Published on:
05 Feb 2025 08:10 pm