शामली

कांग्रेस ने कैराना से इस पूर्व सांसद को दिया टिकट, जानिए क्या हैं समीकरण, देखें वीडियो

-सभी राजनीतिक पार्टियों ने कैराना लोकसभा सीट पर अपने समीकरण बनाने शुरू कर दिए। - कर दिए। वहीं समाजवादी पार्टी नेता कैराना की वर्तमान सांसद तबस्सुम हसन को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
2 min read
Mar 17, 2019
priyanka rahul
कांग्रेस ने कैराना से इस पूर्व सांसद को दिया टिकट, जानिए क्या है समीकरण, देखें वीडियो

शामली। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र के जनपद शामली का कस्बा कैराना अपने आप में देशभर में चर्चित है। भारतीय शास्त्रीय संगीत को लेकर मशहूर कैराना में आगामी 11 अप्रैल को 2019 लोकसभा चुनाव का मतदान होना है। मतदान को लेकर के सभी राजनीतिक पार्टियों ने कैराना लोकसभा सीट पर अपने समीकरण बनाने शुरू कर दिए। वहीं समाजवादी पार्टी नेता कैराना की वर्तमान सांसद तबस्सुम हसन को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने देर रात पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक को कैराना से चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। बाकी भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक कैराना से अपना कैंडिडेट के नाम की घोषणा नहीं की है।

सांसद और विधायक रह चुके है हरेन्द्र मालिक

कैराना लोकसभा सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता और प्रत्याशी हरेंद्र मलिक सबसे पहले मुजफ्फरनगर के खतौली से विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने मुजफ्फरनगर की ही बकरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, वहां से भी उन्होंने जीत हासिल की थी। जिसके बाद लोकसभा का चुनाव भी उन्होंने कई बार लड़ा लेकिन वह जीत नहीं सके और हरेंद्र मलिक कद्दावर नेता होने के साथ ही उन्हें राज्यसभा का सांसद बनाया गया था।

बेटा भी रहा दो बार विधायक

इसके बाद हरेंद्र मलिक के पुत्र पंकज मलिक ने बकरा विधानसभा से चुनाव लड़ा तो उन्होंने भी विजय प्राप्त की थी फिर कांग्रेस पार्टी से शामली विधानसभा सीट पर पंकज मलिक ने चुनाव लड़ा और विरोधियों को हराकर पंकज मलिक एक बार फिर दोबारा से विधायक चुने गए पंकज मलिक के विधायक चुने जाने के बाद फिर से एक बार फिर हरेंद्र मलिक परिवार की राजनीति उभर गई।

अब कांग्रेस ने जताया भरोसा

अब लंबे समय बाद कांग्रेस पार्टी ने हरेंद्र मलिक पर विश्वास करते हुए उन्हें कैराना लोकसभा क्षेत्र से 2019 के रण में उतारा है। कांग्रेस से हरेंद्र मलिक को टिकट मिलने के बाद से विपक्षियों में खलबली है क्योंकि हरेंद्र मलिक जाट नेता है और कैराना लोकसभा सीट पर जाटों की निर्णायक भूमिका हमेशा से रही है अब ऐसे में गठबंधन और भाजपा के सामने संकट के बादल जरूर मंडराने लगे हैं लेकिन कैराना लोकसभा सीट पर कांग्रेस की जीत इतनी आसान नहीं होगी।

Updated on:
17 Mar 2019 02:41 pm
Published on:
17 Mar 2019 02:41 pm