Highlights - मदरसा जामिया बदरूल उलूम में सालाना जलसे का आयोजन - जलसे में 13 हाफिज और 27 मौलानाओं की दस्तारबंदी की गई - मुस्लिम समाज के लोगों से दहेज लेने और देने पर पाबंदी लगाने का भी किया आह्वान
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
शामली. कांधला थाना क्षेत्र के गढ़ी दौलत गांव स्थित मदरसा जामिया बदरूल उलूम में सालाना जलसा आयोजित किया गया। इस मौके पर जलसे में मौजूद लोगों को संबेधित करते हुए जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव हजरत मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि युवा वर्ग नशे की लत में पड़ता जा रहा है। हमें हर हाल में नशे की लत से युवाओं को दूर करना होगा। इस दौरान दर्जनों तलबाओं की दस्तारबंदी भी की गई है। इस मौके पर हजारों लोग मौजूद रहे।
दरअसल, शामली के कांधला क्षेत्र के गढ़ी दौलत गांव स्थित मदरसा जामिया बदरूल उलूम में शनिवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे को खिताब करते हुए जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने कहा कि अल्लाह ने इंसान को अशराफुल मखलूक बनाया है, जो इंसान सच्चा, ईमानदार और बेईमानी नहीं करने वाला होगा, अल्लाह उस इंसान को दुनिया और आखिरत दोनों जगहों पर इज्जत से नवाजेंगा। उन्होंने लोगों से दीनी तालीम के साथ ही दुनियावीं तालीम हासिल करने की अपील की।
वहीं, जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव हजरत मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि आज का युवा वर्ग नशे की लत में पड़ चुका है। हम लोगों को अपने-अपने गांवों में कमेटी बनाकर नशे की लत में पड़ रहे युवाओं को सही रास्ते पर लाना होगा, अगर तुम्हारे गांव नशा मुक्त हो गए तो तुम्हारी नस्लें संवर जाएंगी। उन्होंने जलसे में मौजूद मुस्लिम समाज के लोगों से दहेज लेने और देने पर पाबंदी लगाने का भी आह्वान किया।
27 मौलानाओं को बुखारी शरीफ का आखिरी सबक देकर मौलाना की उपाधि दी
बता दें कि इस जलसे में 13 हाफिज और 27 मौलानाओं की दस्तारबंदी की गई। 27 मौलानाओं को बुखारी शरीफ का आखिरी सबक देकर मौलाना की उपाधि दी गई। जलसे की निजातम मदरसा प्रबंधक हजरत मौलाना आकिल साहब व सदारत हजरत मौलाना महमूद मदनी के द्वारा की गई। जलसे में हजरत मौलाना मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने देश में अमनो-अमान की दुआ कराई। जलसे में मौलाना इस्राईल, मौलाना अतहर, मौलाना जहूर, मौलाना तैय्यब, मौलाना ताहिर, मौलाना अरशद, मौलाना तहसीन, हाफिज दिलशाद, मास्टर शाह आलम, मौलाना इलियास, मौलाना कौसर, मौलाना मजहर हुदा, मौलाना कय्यूम सहित हजारों लोग मौजूद रहे।