MP News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर के पास चलती कार अचानक आग का गोला बन गई जिससे कार सवार 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा बुधवार रात करीब 11 बजे के आसपास हुआ।
MP News: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के रहने वाले 6 लोगों राजस्थान के अलवर में दर्दनाक हादसे में जिंदा जल गए। कार सवार सभी लोग वैष्णो देवी से दर्शन कर लौट रहे थे तभी अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर उनकी कार में आग लग गई, आग इतनी तेजी से फैली कि कार में सवार लोगों को उतरने का मौका नहीं हुआ और सभी 6 लोग जिंदा जल गए। पुलिस का कहना है कि हादसे में कार में सवार पांच लोग जिंदा जल गए हैं जबकि कार का ड्राइवर आग लगने पर कूद गया था, लेकिन उसकी हालत भी गंभीर थी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव के रहने वाले संतोष आदिवासी, शशि आदिवासी, पार्वती आदिवासी, छोटी बाई, बच्ची साक्षी आदिवासी के साथ किराए की टैक्सी से वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए गए थे। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटते वक्त बुधवार रात को जब परिवार के सदस्य किराए की टैक्सी से वापस लौट रहे थे तभी राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में मौजपुर के पार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कार में सवार सभी लोगों को उतरने का मौका तक नहीं मिला और सभी लोग कार में ही जिंदा जल गए।
कार में आग लगने के बाद ड्राइवर विनोद जान बचाने के लिए कार से कूद गया था, उसे 80 फीसदी झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। हादसे की खबर जब चैनपुरा गांव पहुंची तो पूरे गांव में मातम पसर गया। हादसे में जिन 6 लोगों की मौत हुई है उनमें संतोष आदिवासी (35), पार्वती आदिवासी (55), छोटी बाई (70), शशि आदिवासी (30), बच्ची साक्षी आदिवासी (6) और कार ड्राइवर विनोद मेहरा (40) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि कार में बैठे परिवार के पांचों सदस्य पूरी तरह जलकर खाक हो चुके हैं और उनके अवशेष तक मुश्किल से मिल पाए हैं।
बताया गया है कि कार सीएनजी और पेट्रोल दोनों से चलने वाली थी। जांच में पता चला है कि रास्ते में अचानक सीएनजी गैस का रिसाव हुआ, जिसके बाद कार में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही सेकंड में पूरी गाड़ी उसकी चपेट में आ गई। बताया गया है कि हादसे के समय परिवार के अधिकांश सदस्य नींद में थे। आग इतनी भयानक थी कि किसी को संभलने या कार से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।