गामिनी का शावक केजी-1 जहां मुरैना के पहाडग़ढ़ में पहुंच चुका है, वहीं केजी-2 घाटीगांव के घने जंगल में पिछले एक सप्ताह से डेरा जमाए हुए है। उल्लेखनीय
विजयपुर श्योपुर, पिछले लंबे समय से विजयपुर क्षेत्र के जंगल में डेरा जमाए मादा चीता गामिनी के 2 शावक अब जिले की सीमा से भी बाहर चले गए हैं। पहले गामिनी का शावक ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में है, जबकि दूसरा शावक सोमवार को मुरैना जिले के पहाड$गढ़ क्षेत्र में पहुंच गया। सोमवार को पहाडगढ़ वन क्षेत्र के महादेव घाटी के क्षेत्र में ये शावक ट्रेस हुआ है।
दोनों के पीछे कूनो की टै्रकिंग टीम भी तैनात है। गामिनी का शावक केजी-1 जहां मुरैना के पहाडग़ढ़ में पहुंच चुका है, वहीं केजी-2 घाटीगांव के घने जंगल में पिछले एक सप्ताह से डेरा जमाए हुए है। उल्लेखनीय है कि मादा चीता गामिनी के 4 शावक थे, जो लगभग 3 महीने से भी ज्यादा समय तक मुरैना-श्योपुर बॉर्डर क्षेत्र के जंगल में टैरेटरी बना चुके थे, लेकिन अलग अलग होने के बाद 2 शावक पिछले दिनों ग्वालियर पहुंच गए, जिसमें से एक की सडक़ हादसे में मौत हो गई थी।