
श्योपुर,
दूधमुंही बच्ची के साथ महिला को उसके पति ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। महिला अपनी फरियाद लेकर थाने भी पहुंची। मगर पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की। जबकि मायके जाने कोई साधन नहीं मिला। ऐसे में यह महिला पिछले सप्ताहभर से जिला अस्पताल परिसर में भीख मांगकर अपने और अपनी बेटी के पेट की आग बुझा रही है।
ऐसी पीड़ा से दो चार हो रही है देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ाखेड़ा निवासी महिला अफसाना। मासूम बेटी के साथ जिला अस्पताल परिसर में रात बिता रही अफसाना को शुक्रवार को पत्रिका की पहल पर जिला अस्पताल में संचालित वन स्टाप सेंटर में आसरा मिल गया। महिला अफसाना ने बताया कि बडाखेड़ा में उसकी ससुराल है। वह रफीक की दूसरी पत्नी है। पहली पत्नी की मौत होने के बाद रफीक उसे शादी करके लाया है। अफसाना ने बताया कि एक बच्ची होने के बाद अब पति खाने को नहीं देता तथा मारपीट करता है। दस दिन पहले पति ने मुझे मारपीट कर मेरी छोटी बच्ची के साथ घर से निकाल दिया। थाने पहुंची तो पुलिस ने फरियाद बताने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं की। वहीं मायके वालो को बताया तो वे साधन नहीं मिलने के कारण ग्वालियर से श्योपुर नहीं आ पा रहे है। ऐसे में जिला अस्पताल में ही रात बिता रही हूं। मांगने पर कुछ लोग जिला अस्पताल से खाने दे देते है। वहीं भीख मांग कर बच्ची के लिए दूध जुटाती हूं। महिला अफसाना का कहना है कि मेरी परेशानी का निदान करवाया जाए।
वर्जन
जब तक महिला की परेशानी का निदान नहीं होगा,तब तक महिला और उसकी बच्ची वन स्टॉप सेंटर में ही रहेगी। स्टॉफ की मदद से महिला की परेशानी जानकर उसका निदान करवाएंगे।
ओपी पांडेय
महिला एवं बाल विकास अधिकारी,श्योपुर
वर्जन
ऐसी कोई शिकायत नहीं आई। मगर ऐसी बात है तो वन स्टॉप सेंटर से महिला की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रामतिलक मालवीय
एसडीओपी,श्योपुर