शिमला

हिमाचल में आया सावन झूम के…बादल फटने सहित दे गया कई दर्द। जानिए

हिमाचल प्रदेश में इस बार सावन का मौसम कहर बनकर टूटा है!
2 min read
Jul 31, 2025
Feature image

-औसत से अधिक बारिश, 170 लोगों की मौत, सड़कें ठप

हिमाचल में मानसून की तबाही, रामपुर कुट में बादल फटा

क्षेत्र में संपर्क टूटा, बिजली आपूर्ति बाधित

बादल फटने की घटना से क्षेत्र में संपर्क टूट गया और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई , हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बचाव दल और स्थानीय प्रशासन घटनास्थल पर पहुंचा और राहत अभियान शुरू कर दिया। ग्रामीणों को सुरक्षित निकाल लिया गया। संचार एवं बिजली बहाल के प्रयास जारी है। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत का आश्वासन दिया है और निवासियों से सतर्क रहने तथा नदियों एवं नालों के पास जाने से बचने का आग्रह किया है।

मानसून: अब तक 170 की गई जान, 36 लापता

अब तक मानसून से जुड़ी घटनाओं में 170 लोगों की जान जा चुकी है और 36 लोग लापता हैं। सार्वजनिक और निजी संपत्ति को लगभग 1,599 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। लगातार बारिश से 289 सड़कें और 346 ट्रांसफर्मर ठप हो गए हैं। मानसून के कमजोर होते ही फिर मरम्मत कार्य में तेजी की उम्मीद है।

नेहरू कुंड के पानी से अफरा-तफरी

मनाली में उफनते नेहरू कुंड के पानी ने अफरा-तफरी मचा दी। स्थानीय विधायक और अधिकारियों को पानी का बहाव मोड़ने और पुल की नींव बचाने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। व्यास नदी में भी जलस्तर बढ़ गया था। मौसम विभाग ने तीन अगस्त तक कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने चार स्थानों पर भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।

सरकारी और निजी संपति को नुकसान

हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून में औसत से अधिक बारिश हुई है और पिछले 43 दिनों में मानसून जनित हादसों में 170 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान लगभग 1599 करोड़ रुपए मूल्य की सरकारी और निजी संपति को नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत का आश्वासन दिया है और निवासियों से सतर्क रहने तथा नदियों एवं नालों के पास जाने से बचने का आग्रह किया है।
लोगों में डर का माहौल बन गया

मंडी जिले के पंडोह में अवरूद्ध चंडीगढ़-मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग(एनएच-3) गुरुवार सुबह चालू हो पाया। मनाली में भारी बारिश से नेहरू कुंड उफान पर आ गया और लोगों में डर का माहौल बन गया। स्थानीय विधायक और अधिकारियों ने जेसीबी मंगाकर पानी निकलने का रास्ता बनवाया ताकि पुल के नीचे बहुत पानी जमा न हो। प्रदेश में मानसून की जबर्दस्त शुरुआत के साथ पिछले 43 दिनों में औसत से अधिक वर्षा हुई है। कुछ जिलों में औसत से काफी अधिक वर्षा हुई है। शिमला में औसत से 71प्रतिशत अधिक और मंडी में 61 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने मानसून कुछ कमज़ोर होने के साथ तीन अगस्त तक मध्यम वर्षा का अनुमान लगाया है। कांगड़ा, कुल्लु, मंडी और शिमला जिलों में 'पीली' चेतावनी तीन दिन के लिए जारी की गई है। पिछले 42 दिनों में कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है, इनमें बिलासपुर(27प्रतिशत), हमिरपुर(40प्रतिशत), कुल्लु(26 प्रतिशत), सिरमौर(26 प्रतिशत), सोलन(10 प्रतिशत), उना(22प्रतिशत)शामिल हैं लेकिन लाहौल-स्पीती में औसत से 70 प्रतिशत कम और चम्बा में औसत से 17 प्रतिशत कम वर्षा हुई।


Updated on:
31 Jul 2025 07:13 pm
Published on:
31 Jul 2025 07:13 pm