
Shivpuri News : फार्मर किसान आइडी बहुत ही अहम है। मध्य प्रदेश इस काम को करने में अग्रिम राज्यों में शामिल हो चुका है। आने वाले समय में इसी आइडी से किसानों के सारे काम होंगे, उन्हें योजनाओं के कई लाभ मिलेंगे। ये एक तरह से किसान और खेती की पहचान है, जो किसान भाई छूट गए हैं, वे भी फार्मर आइडी बनवा लें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये बातें शिवपुरी में आयोजित बलराम महोत्सव के दौरान दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर कहीं।
बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम में दिल्ली से वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से अपील की कि, वो अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवा लें। इसे बनाने के लिए सरकारी दल गांव-गांव जाकर किसानों की आईडी बनवाने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि, फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। न ही लंबी कतारों में लगना होगा। सरकार का उद्देश्य किसानों तक योजनाओं और सुविधाओं को आसानी से पहुंचाना है।
फार्मर आइडी बनाने का काम 20 अगस्त से चल रहा है। सीएम ने कहा कि, ग्रामीण क्षेत्रों में रात की बिजली का संकट जल्द ही खत्म होगा। सिंचाई के लिए किसानों को रातभर जागने की परेशानी को भी खत्म किया जाएगा। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में सरकार निरंतर केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे ये भी कहा कि, ई-विकास प्रणाली को और अधिक प्रभावी, सहज, सरल बनाया जा रहा है, ताकि आसानी से और भरपूर मात्रा में खाद दी जा सके। कतार में लगने की जरुरत नहीं है। होम-स्टे की अवधारणा भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। क्षेत्र का माधव टाइगर रिजर्व पर्यटन का बढ़ा केंद्र बनेगा। अगले साल जो किसान चना या गन्ने की फसल लगाएंगे, उन्हें इन फसलों के लिए पूरे समय दिन में बिजली दी जाएगी।
सीएम ने कहा कि, किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार ने शून्य फीसदी ब्याज पर अग्रिम खाद उपलब्ध कराने का फैसला लिया है, ताकि किसानों के पास पैसों की कमी काम में बाधा न बन सके। उन्होंने कहा कि, शिवपुरी की मूंगफली की पहचान देशभर में बन रही है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों से भी आय बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। किसानों को अब कृषि ऋण चुकाने के लिए 31 मार्च की तय समय सीमा में ही भुगतान करने की बाध्यता नहीं होगी। किसान एक साल मेंर अपनी सुविधा के हिसाब से ऋण चुका सकेंगे। सरकार ने 31 मार्च की समय सीमा को भी खत्म कर दिया है।