Illegal Mining Case: खनिज विभाग की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने भाजपा मंडल अध्यक्ष वीनस गोयल और उनके दो भाइयों पर 54 करोड़ 58 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
MP News: शिवपुरी के करैरा स्थित चंगेज पहाडिय़ा पर पिछले दो साल से करैरा भाजपा मंडल अध्यक्ष वीनस गोयल (BJP Mandal President Venus Goyal) और उनके दो भाई भावेश गोयल और राजेश गोयल अवैध रूप से मुरम व बोल्डर का उत्खनन कर रहे थे। इन तीनो भाइयों ने मिलकर दो साल में पूरी पहाड़ी को खोद दिया। मामला सामने आने पर कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी ने खनिज विभाग के प्रतिवेदन पर भाजपा मंडल अध्यक्ष व उनके दो भाइयों पर 54 करोड़ 58 लाख रुपए का जुर्माना किया हैं।
खनिज विभाग की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने की कार्रवाई
कलेक्टर के आदेश में कहा गया है कि यह जुर्माना खनिज अधिकारी के प्रस्ताव के अनुसार मध्य प्रदेश खनिज अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण निवारण नियम 2022 के अध्याय पांच के नियम 18 के तहत लगाया गया है और इसका पालन न करने की स्थिति में नियम 18-5 उपनियम 2 के तहत रॉयल्टी राशि का 15 गुना 13,64,58,000 रूपए का जुर्माना और 10,000 रूपए का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है। 13,64,58,000 यानी कुल 27,29,16,000 रूपए को दोगुना कर 54,58,32,000 रूपए कर दिया गया है. अधिरोपित राशि आदेश दिनांक से 30 दिवस के अन्दर खनिज खाता 0853 में जमा करनी होगी। यदि तय समय सीमा के भीतर अधिरोपित राशि जमा नहीं की गई तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम को दिए जांच के आदेश
कलेक्टर चौधरी ने करैरा एसडीएम अनुराग निंगवाल को निर्देशित किया है कि प्रश्नाधीन भूमि की स्थल एवं खसरा अभिलेख से जांच करें। यदि मौके पर कोई अवैध कॉलोनी, खसरे में छोटे भूखण्डों का क्रय.विक्रय पाया जाता है तो मप्र नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 339 ग के तहत प्रकरण तैयार कर 15 दिवस में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
सत्ता के फेर में चल रहा था अवैध खनन का खेल
करैरा की चंगेज पहाडिय़ा पर यह गोरखधंधा गुपचुप तरीके से नहीं बल्कि खुलेआम चल रहा था और यहां पर एक नहीं बल्कि 10 से 12 हिटैची व डंपरों से मुरम व बोल्डरों का अवैध उत्खनन होता था। इसके बाद भी करैरा के स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला स्तर के किसी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। खनिज विभाग भी सोता रहा। बाद में जब सोशल मीडिया पर मामला गर्माया तब जाकर प्रशासन को इस मामले में मजबूरी में कार्रवाई करना पड़ी। चूंकि मामला भाजपा के मंडल अध्यक्ष से जुड़ा था, इसलिए प्रशासन के अधिकारी कार्रवाई करने से परहेज कर रहे थे। (MP News)