
Shivpuri Theft 60 Lakh: मध्यप्रदेश के शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। दौलत सिंह होटल के पीछे रहने वाले ठेकेदार के सूने मकान से अज्ञात चोर 60 लाख रुपये का माल समेट कर ले गए। चोरी गए माल में 27 तोला सोने के जेवरात, 4 किलो चांदी के जेवरात व 4 लाख रुपये नकद शामिल हैं। घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक ठेकेदार मातादीन अग्रवाल (50) 28 अगस्त को दोपहर करीब 1 बजे अपनी पत्नी के साथ कानपुर में अपनी ससुराल रक्षाबंधन पर्व मनाने गए थे। जब वे 29 अगस्त की रात करीब 1 बजे वापस लौटे तो घर के तीन दरवाजों के ताले टूटे हुए मिले। अंदर जाकर देखा तो अलमारी खुली पड़ी थी और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी गायब थी। ठेकेदार ने बताया कि चोरों ने अलमारी को चाबी से खोला है। अलमारी में ताला तोड़ने के कोई निशान नहीं हैं। संभावना है कि चोरों को पता था कि चाबी कहां रखी है। ठेकेदार का आरोप है कि रात में ही पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस टीम सुबह मौके पर पहुंची और मौका मुआयना कर जांच शुरू की। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस चोरी में उनकी जीवन भर की जमा पूंजी चली गई।
60 लाख की इस बड़ी चोरी ने पुलिस के लिए भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। घटनास्थल के आसपास एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, जिससे चोरों के फुटेज मिल सकें। अब पुलिस मोबाइल लोकेशन व सीडीआर खंगालने में जुटी है। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त एसपी आरडी प्रजापति, एसडीओपी शिवपुरी सचिन कुमार धुर्वे सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हर एंगल से जांच शुरू की।
पुलिस ने मकान की तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों सहित कई अन्य संदिग्धों को थाने में बैठाकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया गया कि ठेकेदार के मकान की तीसरी मंजिल पर पिछले कुछ दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है। 27 अगस्त को ठेकेदार ने मजदूरों से कहा था कि वह दो दिन के लिए बाहर जा रहे हैं, इसलिए काम बंद रहेगा। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है। उससे साफ लगता है कि पहले घर की रैकी की गई थी। चोरों ने एक के बाद एक तीन दरवाजों के ताले तोड़े और सीधे उसी छोटे कमरे में पहुंचे जहां अलमारी में जेवरात और नकदी रखी थीं। सूत्रों के अनुसार मकान निर्माण में लगे मजदूरों को ठेकेदार या उसकी पत्नी रोज अलमारी से ही पैसे निकालकर देती थी। सभी के सामने ही अलमारी खोली जाती थी।