
Shivpuri Funeral During Rain: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर मौजूद मुक्तिधामों में संसाधनों की कमी के कारण शवों के अंतिम संस्कार करने में ही परेशानी आने के मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक स्थान पर डीजल डालकर चिता की जलाया जा रहा है तो वहीं दूसरे स्थान पर बारिश के बीच तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करते हुए लोग नजर आ रहे हैं।
पोहरी जनपद की ग्राम पंचायत डिगडोली के श्यामपुरा में एक वृद्ध गणेशा कुशवाह का बुधवार सुबह निधन हो गया। गांव में मुक्तिधाम व शेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को नदी किनारे खुले में अंतिम संस्कार करना पड़ा। बारिश के बीच चिता की लकड़ियां गीली होने से उन्हें जलाना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने लकड़ियों में डीजल डालकर किसी तरह चिता को आग लगाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मुक्तिधाम नहीं होने से हर बार बारिश के मौसम में किसी की मौत होने पर इसी तरह परेशानी उठानी पड़ती है।
दूसरा घटनाक्रम करैरा जनपद की ग्राम पंचायत जुझाई के हाथरस गांव का है। यहां रजिया (90) पत्नी सुन्ना लोधी की मौत के बाद बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ा। लगातार बारिश से बचने के लिए परिजनों ने किराए का टेंट लगवाया और ऊपर से तिरपाल का सहारा लिया। इसके बाद जैसे तैसे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि जुझाई गांव में तो दो मुक्तिधाम हैं, लेकिन हाथरस गांव में आज तक एक भी मुक्तिधाम नहीं बनाया गया। बारिश के दिनों में हर बार इसी तरह टेंट और तिरपाल का इंतजाम करना पड़ता है। ग्राम पंचायत जुझाई की सरपंच अंगूरी जगदीश कोली का कहना है कि हाथरस गांव में मुक्तिधाम के लिए शासकीय जमीन उपलब्ध है, लेकिन उस पर कब्जा होने की वजह से निर्माण नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जल्द ही जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा और इसके बाद मुक्तिधाम बनवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।