Shivpuri- सुरक्षा कारणों से एमपी बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीरसिंह रावत को मंच से हटना पड़ा
Shivpuri- मध्यप्रदेश के शिवपुरी में रविवार को यूजीसी कानून मामले पर बवाल हो गया। यहां गुस्साए लोगों ने बीजेपी के नेताओं पर कुर्सियां फेंकी। शिवपुरी जिले के करैरा में सवर्ण समाज द्वारा यूजीसी के कथित ‘काला कानून’ के विरोध में निकाली गई शांतिपूर्ण रैली के दौरान पुलिस सहायता केंद्र पर अप्रत्याशित घटना घटी। केंद्र पर भाजपा के बजट सत्र का लाइव प्रसारण चल रहा था, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। ठीक उसी समय रैली पुलिस सहायता केंद्र के सामने से गुजरी, जिसके बाद कुछ युवाओं ने भीड़ में से पानी की बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। इससे स्थिति बिगड़ गई। कुछ लोगों ने मौके पर रखे माइक को छीनकर ‘भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत भी उपस्थित थे जिन्हें बवाल के कारण मंच छोड़कर जाना पड़ा।
गुस्से में आए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र में रखी कुर्सियों को तोड़ दिया जिससे लगभग आधा सैंकड़ा कुर्सियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कुछ ही पलों में पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग इधर-उधर भागने लगे और शोर-शराबा बढ़ गया। पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत से स्थिति संभाली और रैली के कुछ उग्र तत्वों को दूर हटाया।
भाजपा मंडल अध्यक्ष वीनस गोयल और नगर परिषद उपाध्यक्ष राजीव सिकरवार सहित अन्य नेता इस घटना से काफी नाराज दिखे। उन्होंने भीड़ को शांत करने की कोशिश की लेकिन उग्र प्रदर्शनकारियों के सामने वे तिलमिला कर रह गए। नेताओं ने पुलिस से शिकायत की कि लाइव प्रसारण के दौरान इस तरह की हरकतें अस्वीकार्य हैं।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष पवन लोधी, महिला मोर्चा अध्यक्ष सीमा गौड़, जनपद अध्यक्ष पुष्पेंद्र जाटव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। घटना के बाद लाइव प्रसारण कुछ समय के लिए प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस की सतर्कता से आगे कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। सुरक्षा कारणों से बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत को मंच से हटना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना सवर्ण समाज के आंदोलन में राजनीतिक तनाव को दर्शाती है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।