शिवपुरी

MP के शिवपुरी में दाल-बाटी खाने से परिवार के 7 लोगों की बिगड़ी तबियत, अचानक हुए बेहोश

MP News: एमपी के शिवपुरी में दाल-बाटी खाने के बाद एक ही परिवार के 7 लोगों की हालत बिगड़ी।कई बार कॉल करने पर नहीं आई 108 एंबुलेंस। निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचे पीड़ित।

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May 10, 2026
seven members of family fell unconscious after eating dal-bati (फोटो- Patrika.com)

MP News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहां के बदरवास क्षेत्र में शादी के उत्सव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दाल-बाटी खाने के कुछ देर बाद परिवार के 7 सदस्य अचानक अचेत होकर गिर पड़े। अस्पताल लाने के लिए घर के लोगों ने कई बार 108 एंबुलेंस पर कॉल किया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो निजी वाहन से इन्हें बदरवास अस्पताल लाया गया। यहां से तीन लोगों को जिला अस्तपाल रेफर किया गया है। डॉक्टर के मुताबिक मामला फूड प्वाइजनिंग या कोई जहरीला पदार्थ खाने का लग रहा है। मामले की जांच के लिए खाने के भी सैंपल लिए गए है। मामला शनिवार रात का है।

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दाल-बाटी खाते ही बिगड़ी तबियत, मची अफरा-तफरी

बदरवास क्षेत्र के ग्राम बारई में शनिवार को राजवीर कुशवाह की शादी के तीसरे दिन दाल-बाटी कार्यक्रम था और परिवार के लोगों ने जैसे ही दाल-बाटी खाई तो कुछ ही देर में लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और यह लोग बेहोशी की हालत में पहुंच गए। आसपास के लोगों ने गोलू (14) पुत्र हल्के कुशवाह, केपी (18) पुत्र गंगाराम कुशवाह, बबलू (20) पुत्र गंगाराम कुशवाह, पूनम (18) पुत्री हल्के कुशवाह, गंगाराम (50) पुत्र कल्याण सिंह कुशवाह, बिमला (40) पत्नी हल्के कुशवाह व अभिषेक (15) पुत्र हल्के कुशवाह को बदरवास अस्पताल में कराया गया।

डॉक्टरों ने जांच के बाद किया बड़ा खुलासा

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीन लोगों को जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर कर दिया, जबकि चार का उपचार बदरवास अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार मरीजों में उल्टी-दस्त जैसे सामान्य फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं थे, बल्कि वे अचेत अवस्था में थे। डॉक्टरों ने आशंका जताई कि संभवतः किसी जहरीले जीव के भोजन या सब्जी में गिर जाने से यह स्थिति बनी होगी।

फिर कॉल करने पर नहीं आई 108 एंबुलेंस

मरीजों के परिजन ने आरोप लगाया कि गंभीर हालत होने के बावजूद 108 एम्बुलेंस सेवा समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। संदीप कुशवाह ने बताया कि उन्होंने मोबाइल नंबर 9589604086 से 108 सेवा पर आठ बार कॉल किया, लेकिन हर बार यही जवाब मिला कि गाड़ी उपलब्ध नहीं है। इसके बाद बलबीर कुशवाह ने मोबाइल नंबर 8349677049 से तीन बार कॉल किया, फिर भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची। हालात बिगड़ते देख परिजन ने निजी वाहनों की व्यवस्था कर मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस मिल जाती तो मरीजों को बेहतर और शीघ्र इलाज मिल सकता था।

स्टॉफ की कमी होने से बिगड़ गई व्यवस्था

इधर बदरवास अस्पताल की व्यवस्थाएं भी सवालों के घर में रही। अचानक एक साथ सात मरीजों के पहुंचने से अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में सीमित स्टाफ होने के कारण एक ही नर्स मरीजों को बोतल चढ़ाने और इलाज मैं जुटी रही। इस दौरान एक छोटी बच्ची के हाथ में लगी बोतल खत्म होने के बाद भी काफी देर तक लगी रही। बाद में उस बोतल को बदला गया। बदरवास अस्पताल में यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि जब एक्सीडेंट के मामले आते तब भी यही हौच-पाँच की स्थिति बन जाती है।

पूनम नहीं दे पाई परीक्षा

कक्षा 12वीं की छात्रा पूनम कुशवाह अपनी द्वितीय अवसर की परीक्षा भी नहीं दे सकी। परिजन के अनुसार पूनम का पीसीएस विषय का पेपर था, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने से वह परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाई।

कई बार लिख चुके पत्र

108 एंबुलेंस की समस्या पटली बार नहीं आई है। इससे पूर्व में भी कई गंभीर मामले सामने आए हैं। हमने कई बार 108 के मुख्यालय को पत्र लिखे हैं. पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बदरवास अस्पताल में स्टाफ नर्सों की कमी होने की जानकारी भी हम वरिष्ठ कार्यालय को दे चुके है। जो स्टॉफ है उसी से लोगों को बेहतर इलाज देने का प्रयास करते हैं।- चेतन्य कुशवाह, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर बदरवास

बार-बार कॉल करने पर भी नहीं एम्बुलेंस- सरपंच प्रतिनिधि

गांव में जब लोगों की तबीयत खराब हुई तो कई बार 108 पर परिवारजनों ने फोन किया। पर हर बार गाड़ी न होने की बात बोली गई। बाद में मैंने तीन निजी वाहनों से इन लोगों को अस्पताल पहुंचाया।- सत्यपाल यादव, सरपंच प्रतिनिधि ग्राम बारई

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Published on:
10 May 2026 03:55 pm
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