
सतना। सुप्रीम कोर्ट के एससी, एसटी कोर्ट मामले में दिए गए नवीन निर्देश को लेकर दलित संगठनों ने भारत बंद कराया गया तो उसके विरोध में सवर्ण संगठनों के द्वारा 10 अप्रैल को भारत बंद कराया गया। बंद के आह्वान दुकानदारों ने सुबह से अपनी दुकानें नहीं खोली गई।
सब कुछ शांति पूर्वक चल रहा था कि चंद भीड़ को शहर में भ्रमण करने से रोकने के फिराक में प्रशासन जल्दबाजी में लाठीचार्ज का निर्णय ले बैठा। पुलिस ने लाठी चार्ज किया तो गुस्साई भीड़ ने पत्थर बाजी शुरू कर दी गई। इस घटना में करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग चोटिल हुए हैं, जिन्हें लोगों के द्वारा उपचार के लिए जिला चिकित्सालय मे भर्ती कराया गया है।
ये है पूरा मामला
मालुम हो कि भारत बंद आह्वान को लेकर सुबह से शहर की दुकानों के शटर नहीं खुले। रायल राजपूत संगठन के बैनर तले करीब एक सैकड़ा लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्रित हो गए। वे मांग कर रहे थे कि पैदल शहर का भ्रमण कर गांधी चौक के पास ज्ञापन सौंपा जाएगा। लेकिन पुलिस अधिकारियों के द्वारा कहा गया कि शहर मे भ्रमण नहीं करने दिया जाएगा, यहीं ज्ञापन देकर आप लोग शांतिपूर्वक घर चले जाइए। लेकिन संगठन शहर भ्रमण करने की जिद पर अड़ा रहा। जब लोगों के द्वारा आगे बढऩे का प्रयास किया तब जिला प्रशासन ने लाठी-चार्ज का आदेश जारी कर दिया गया।
मची भगदड़
पुलिस ने लाठी-चार्ज शुरू कर दिया तो भीड़ में भगदड़ मच गई। लोग भागने लगे तो पुलिस खदेड़कर लाठियां भाजने लगी। इस बीच कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर बरसाना शुरू कर दिया गया। जिससे पुलिस कर्मियों सहित अन्य आम लोगों को चोटे आई। घायलों मे करीब पांच महिला पुलिस कर्मी सहित अधिवक्ताओं व अन्य लोगों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय मे भर्ती कराया गया है।
अधिवक्ताओं पर भी पुलिस की बरसी लाठी
जिला प्रशासन के निर्णय के विरोध व बंद के समर्थन मे जिला न्यायालय के समक्ष अधिवक्ताओं का जत्था एकत्रित था। जहां वे जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारेबाजी कर रहे थे, लाठी चार्ज के दौरान पुलिस ने अधिवक्ताओं को भी नहीं ब सा। अधिवक्ताओं पर भी लाठीचार्ज कर दिया गया। जिससे सात अधिवक्ताओं को चोटे आई हैं, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय मे चल रहा है।
घटना के बाद रीवा से भेजा गया आधा सैकड़ा बल
पुलिस के लाठीचार्ज के बाद बंद प्रदर्शन हिंसक हो गया, रूक-रूककर पत्थरबाजी का क्रम चलता रहा। स्थिति अनियंत्रित देख रीवा रेंज के डीआईजी सीधी आकर मोर्चा संभाले। बल की कमी को देखकर आधा सैकड़ा बल रीवा से सीधी के लिए बुलाया गया है। बताते चलें कि प्रदर्शन से एक दिन पूर्व की पीटीएस रीवा से 30 व बीएसएफ के 50 जवानों को सीधी में तैनात किया गया था, इसके बाद भी बल की कमी महसूस करते हुए बल सीधी मगाया गया है।
घायलों को देखने सांसद पहुंची अस्पताल
सीधी सांसद को लाठीचार्ज की घटना में घायलों की जानकारी हुई तो वे घायलो का हालचाल जानने जिला अस्पताल पहुंच गई। उनके द्वारा चिकित्सकों को अच्छे से उपचार करने का मशबरा दिया गया।