सीधी

गरीबों का छलका दर्द: ‘बेघर होने से बचाओ हुजूर’, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए हटा रहे पीएम आवास

MP News : ग्राम कोतरकला सम्राट चौक के परिवारों ने प्रशासन से अपील किया कि उन्हें बेघर होने से बचाया जाए। पीड़ितों का आरोप है कि, पुनर्धनत्वीकरण योजना के तहत उनकी जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए उन्हें जबरन हटाया जा रहा है।

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Mar 18, 2026
गरीबों का छलका दर्द (Photo Source- Patrika Input)

MP News :मध्य प्रदेश के सीधी में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को उस वक्त भावुक माहौल बन गया, जब प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही बाल बच्चों के साथ अपने घर बचाने की गुहार लेकर यहां पहुंचे। ग्राम कोतरकला सम्राट चौक के परिवारों ने प्रशासन से अपील किया कि उन्हें बेघर होने से बचाया जाए। पीड़ितों का आरोप है कि, पुनर्धनत्वीकरण योजना के तहत उनकी जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए उन्हें जबरन हटाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा उक्त भूमि डीजे प्लाजा समूह को आवंटित किए जाने के बाद वहां वर्षों से निवासरत गरीब परिवारों पर दबाव बनाया जा रहा है।

जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में हितग्राहियों ने बताया, वे पिछले 60-70 वर्षों से आराजी क्रमांक 687 में निवास कर रहे हैं और वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें आवास दिया गया है। वो पक्के मकान भी बना चुके है। इसके बावजूद उन्हें बिना उचित मुआवजा दिए हटाया जा रहा है। पीड़ितों में लक्ष्मीकांत द्विवेदी, गीता पति हरिशंकर विश्वकर्मा, पूजा पति स्व. सुनील विश्वकर्मा, दिनेश पिता गणेश चौरसिया, कुसुमकली पति स्व. सौखीलाल विश्वकर्मा तथा गीता केवट पति छोटेलाल केवट शामिल है।

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देर रात जेसीबी चलाने का आरोप

हितग्राहियों ने आवेदन में आरोप लगाया गया है कि, 14 मार्च की रात जेसीबी मशीन से एक हितग्राही लक्ष्मीकांत द्विवेदी का घर गिरा दिया गया, जबकि अन्य लोगों को भी लगातार धमकाया जा रहा है, जिससे पूरा परिवार भयभीत है।

न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन

हितग्राहियों ने यह भी बताया कि जमीन विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 23 मार्च को प्रस्तावित है। इसके बावजूद निर्माण कार्य और मकान तोडने की कार्रवाई की जा रही है. जो नियमों के विपरीत है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे मजदूरी कर किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं और उनके पास रहने के लिए कोई अन्य विकल्प नहीं है। ऐसे में यदि उन्हें यहां से हटाया गया तो वे पूरी तरह बेघर हो जाएंगे।

सीधी खुर्द में उपलब्ध कराई गई है जमीन, मुआवजे की कर रहे मांग

पीड़ित हितग्राहियों ने बताया, उन्हें आज ही पता चला की प्रशासन द्वारा इस जमीन के एवज में सीधी खुर्द में भू खंड उपलब्ध कराया गया है, जहां शिफ्ट होने के लिए बोला जा रहा है, लेकिन जो हमारा प्रधानमंत्री आवास गिराया जा रहा है, उसका मुआवजा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। हितग्राहियों का कहना है कि वह अत्यंत गरीब हैं, और फुटपाथ पर व्यापार कर परिवार का भरण पोषण करते हैं, ऐसे में उनकी ये हैसियत नहीं है कि दोबारा मकान बना सकें।

एसडीएम के पैरों पर गिरे हितग्राही

जनसुनवाई में पहुंचे शिकायतकर्ताओं की शिकायत सुनने के बाद एसडीएम गोपद बनास राकेश शुक्ला ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वान दिया और स्वयं मौके पर पहुंचने की बात कही। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे जहां पीड़ित लक्ष्मीकांत द्विवेदी न्याय की गुहार लगाते हुए एसडीएम के पैर पकड़ लिये, जिससे नाराज होकर एसडीएम वापस लौट पड़े तो हितग्राही उनके वाहन के सामने बैठकर नारेबाजी करने लगें।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

बनास गोपद एसडीएम राकेश शुक्ला का कहना है कि, पुर्नघनत्वीकरण योजना के तहत ली गई जमीन के बदले प्रभावितों को अलग से भूखंड उपलब्ध करा दिया गया है। उन्हें स्वयं आवास खाली करने का आदेश जारी किया गया था। प्रभावितों के साथ न्याय किया जाएगा, उन्हें बेघर नहीं किया जाएगा। प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

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Published on:
18 Mar 2026 02:05 pm
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