
Sidhi Roshni Gupta Death Case: मध्यप्रदेश के सीधी जिले के मड़वास थाना क्षेत्र के महखोर गांव की रहने वाली रोशनी गुप्ता की रीवा के संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। 8 दिन से रोशनी का इलाज संजय गांधी अस्पताल में चल रहा था, उसी गंभीर रूप से झुलसी हालत में अस्पताल लाया गया था। रोशनी की मौत के बाद उसके मायके पक्ष ने पति, सास-ससुर और जेठ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, रोशनी ने अपने बयान में ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप है कि पति रामजी गुप्ता, सास केशकली गुप्ता, ससुर और जेठ के साथ शराब तथा डीजल-पेट्रोल के कथित अवैध कारोबार को लेकर विवाद होता था। कारोबार बढ़ाने के लिए रोशनी से लाखों रुपये मांगने और मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर रोशनी बच्चे को ससुराल में छोड़कर मायके चली गई थी। करीब चार महीने बाद बच्चे को खाना नहीं देने और भूखा रखने की कथित धमकी के चलते वह 9 अक्टूबर को वापस अपनी ससुराल आई थी।
परिजनों का आरोप है कि ससुराल लौटने के दिन ही रात में विवाद हुआ। इसके बाद पति रामजी गुप्ता ने रोशनी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसी रोशनी को पहले मड़वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फिर सीधी जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने और करीब 90 प्रतिशत झुलसने के कारण उसे रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सीधी जिला अस्पताल में उपचार के दौरान रोशनी ने तहसीलदार और डीएसपी के सामने बयान दिए थे। मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि रीवा में उपचार के दौरान सास ने बयान बदलने का दबाव बनाया और इलाज बंद करवाने की धमकी दी।
रोशनी की मौत के बाद शुक्रवार की सुबह रीवा में मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए जे जाया गया, जहां मृतिका की सास का कहना था कि गैस सिलेंडर की आग से जली है, मैं इसका पीएम नहीं होने दूंगी, दाह संस्कार के लिए प्रयागराज ले जाने की जिद पर अड़ी रही, तब मायके पक्ष के लोग रीवा पहुंचे और सीधी पुलिस से सहायता मांगे तब जाकर पोस्टमार्टम हो पाया उपरांत शव को सीधी लाया गया।