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सरकारी स्कूलों में 2502 व्यवसायिक प्रशिक्षक और 84 वोकेशनल कोऑर्डिनेटर होंगे भर्ती, शिक्षा परिषद की नई बिड जारी

Jobs In Govt School: राजस्थान में सरकारी स्कूलों में 2502 व्यवसायिक प्रशिक्षकों और 84 वोकेशनल कॉर्डिनेटर की भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इससे हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा और स्कूलों में कौशल शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
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Updated: 24 Jun 2026, 8:24 AM IST
Govt school recruitment
फाइल फोटो: पत्रिका

Vocational Trainer Recruitment In Rajasthan: सरकारी स्कूलों में रोजगार का प्रशिक्षण देने वाले व्यवसायिक प्रशिक्षकों (वीटी) की नियुक्ति के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने नई बिड जारी की है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में कुल 2502 वीटी और 84 वोकेशनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किए जाएंगे, जिन्हें 1500 रुपए की बढ़ोत्तरी सहित अब 23 हजार 500 रुपए मासिक मानदेय मिलेगा। हालांकि उनकी नियुक्ति अब भी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये ही 33 महीने के लिए होगी। ऐसे में व्यवसायिक प्रशिक्षकों की रोजगार अवधि तो एक बार फिर बढ़ सकेगी, लेकिन हरियाणा मॉडल और बकाया वेतन की मांग पूरी नहीं होने पर उनका आक्रोश अब भी बढ़ा हुआ है।

पुराने में 16, नए स्कूलों में 12 ट्रेंड में नियुक्ति शिक्षा परिषद की बिड के मुताबिक 1527 वर्तमान सरकारी स्कूलों में आईटी, हेल्थ, कृषि, ऑटोमोटिव, बैंकिंग एवं फाइनेंस, रिटेल, सिक्योरिटी और इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर सरीखे 16 ट्रेंड में 2248 वीटी और 75 वोकेशनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा 209 सरकारी स्कूलों में 12 ट्रेंड में 254 नए वीटी और नौ वोकेशनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किए जाएंगे। ये नियुक्ति जुलाई 2026 से मार्च 2029 तक होगी।

हरियाणा में स्थायीकरण के साथ 36,500 वेतन

पड़ोसी राज्य हरियाणा में व्यवसायिक शिक्षकों को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ उनका वेतन 36,500 रुपए तय किया गया है। दिल्ली में भी इसी साल उनका वेतन बढ़ाकर 38,100 किया गया है। ऐसे में व्यवसायिक शिक्षकों का संगठन प्रदेश में भी हरियाणा मॉडल लागू करने की मांग कर रहा था। पर इस बार भी राज्य सरकार द्वारा बिड जारी करने के साथ उसमें 23,500 रुपए मानदेय तय करने से उन्हें निराशा हाथ लगी है।

करीब सवा साल से अटका वेतन

इधर प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये व्यवसायिक शिक्षकों को लंबे समय से वेतन भी समय पर नहीं मिल रहा। हजारों शिक्षकों का अब भी 10 से 14 महीने तक का वेतन बकाया है। इससे उनको आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर वे कई बार गुहार लगा चुके हैं। इसे लेकर भी व्यवसायिक शिक्षकों में प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये नियुक्ति को लेकर विरोध है। व्यवसायिक शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने पिछले बजट में 15 फीसदी वेतन बढ़ोत्तरी की जो घोषणा की थी, वह भी अब तक लागू नहीं हो पाई है।

सीएम ध्यान दे…

एक तरफ युवाओं को कौशल भारत-कुशल भारत का सपना दिखाया जा रहा है तो दूसरी ओर कौशल शिक्षा देने वालों व्यावसायिक प्रशिक्षकों को ठेका प्रथा से शोषण की आग मे धकेला जा रहा है। मामले में मुख्यमंत्री को संज्ञान लेते हुए व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शिक्षकों की ठेका प्रथा बंद करनी चाहिए।
पवन गर्ग, प्रदेशाध्यक्ष, व्यवसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति, राजस्थान

पत्रिका ने उठाया मुद्दा तो जारी हुई बिड

प्रदेश में कार्यरत सैंकड़ो प्रशिक्षकों का कार्यकाल 16 मई को पूरा हो चुका था। बाकी का 30 जून को खत्म होने वाला था। इस पर पत्रिका ने रोजगार की शिक्षा देने वाले इन शिक्षकों पर बेरोजगारी के संकट का मुद्दा उठाते हुए खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद हरकत में आए स्कूल शिक्षा परिषद ने बिड के जरिये इनकी आगे की नियुक्ति की राह खोल दी है।

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24 Jun 2026, 8:24 AM IST
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