No Entry In SI Bharti Exam: आरपीएससी सब इंस्पेक्टर व प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा में कुछ अभ्यर्थी महज दो से तीन मिनट की देरी के कारण परीक्षा से वंचित रह गए। प्रवेश नहीं मिलने पर महिला अभ्यर्थियां भावुक होकर रोने लगीं और पुलिसकर्मियों से हाथ जोड़कर अंदर जाने की मिन्नतें करती रहीं।
Late Candidate At Exam Center: सीकर में 37 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को आयोजित हुई सब इंस्पेक्टर व प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा में कई अभ्यर्थी महज दो से तीन मिनट देरी से पहुंचने के चलते परीक्षा देने से वंचित हो गए। श्री कल्याण राजकीय कन्या विद्यालय, सीकर स्थित परीक्षा केंद्र पर पहली पारी में तीन महिला अभ्यर्थी दो से ढाई मिनट की देरी से सेंटर पर पहुंची।
तब तक मुख्य दरवाजा लॉक हो चुका था। तीनों अभ्यर्थियों ने करीब 10 से 15 मिनट तक वहां खड़े रहकर सेंटर के ऑब्जर्वर व पुलिस अधिकारियों से प्रवेश की प्रार्थना की लेकिन एंट्री नहीं मिली। वहीं बजाज रोड, बकरा मंडी स्थित इस्लामिया कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र में जोधपुर निवासी महिला अभ्यर्थी तीन मिनट देरी से पहुंची, जिसके चलते उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
अभ्यर्थी रोने लगी और पुलिसकर्मियों के हाथ जोड़कर अंदर प्रवेश देने की मिन्नतें करने लगीं। अभ्यर्थी ने बताया कि वह पिछले तीन साल से एसआई भर्ती की तैयारी कर रही थी लेकिन ऑटो समय पर नहीं मिलने के चलते वह परीक्षा देने से वंचित रह गई।
सीकर के सभी 37 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन 11995 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। इनमें पहली पारी में 7007 और दूसरी पारी में 6968 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। सीकर में 24 परीक्षा केंद्र सरकारी संस्थाओं में और 13 निजी संस्थानों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहली पारी सुबह 11 से शुरू हुई जो 1 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की गई।
परीक्षा केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों ने केंद्र में प्रवेश करने से पहले अपने नोजपिन, हाथों की चूड़ियां और चुन्नी उतारी। हालांकि आरपीएससी की गाइडलाइन में यह पहले से निर्देश दिए हुए थे, लेकिन फिर भी बहुत सी महिला अभ्यर्थियों ने सेंटर के बाहर परिवार के सदस्यों से नाक का कांटा व बाली, कान के टॉप्स आदि उतरवाए। कुछ अभ्यर्थी जूते पहनकर आए, ऐसे में उनके शूज मुख्य प्रवेश द्वार पर ही उतारवा दिए गए।
इसी तरह बजाज रोड स्थित इस्लामिया कॉलेज परीक्षा केंद्र पर जोधपुर निवासी एक महिला अभ्यर्थी भी करीब तीन मिनट देरी से पहुंची। उसे भी प्रवेश से वंचित कर दिया गया। अभ्यर्थी भावुक होकर रोने लगी और पुलिसकर्मियों से मिन्नतें करती रही। उसने बताया कि वह पिछले तीन साल से एसआई भर्ती की तैयारी कर रही थी, लेकिन समय पर ऑटो नहीं मिलने के कारण परीक्षा से चूक गई।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और नियमों को लेकर सख्ती नजर आई। महिला अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले नोजपिन, चूड़ियां और चुन्नी तक उतारनी पड़ी। कई अभ्यर्थियों ने सेंटर के बाहर ही अपने गहने उतरवाए। वहीं जूते पहनकर पहुंचे कुछ अभ्यर्थियों को मुख्य द्वार पर ही जूते उतरवाकर प्रवेश दिया गया।
जिले में कुल 37 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। पहले दिन 11,995 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें पहली पारी में 7,007 और दूसरी पारी में 6,968 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी 24 परीक्षा केंद्र सरकारी संस्थानों में तथा 13 निजी संस्थानों में बनाए गए थे। पहली पारी सुबह 11 से 1 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 से 5 बजे तक आयोजित हुई।