अक्षय तृतीया के साथ ही बुधवार से शहनाई की गूंज शुरू हो जाएगी। बुधवार को नवसंवत्सर 2075 का पहला शादियों का सावा शुरू होगा।
सीकर.
अक्षय तृतीया के साथ ही बुधवार से शहनाई की गूंज शुरू हो जाएगी। बुधवार को नवसंवत्सर 2075 का पहला शादियों का सावा शुरू होगा। सूर्य सिद्धांत ग्रंथ में कृतिका नक्षत्र के प्रथम चरण में मेष राशि में सूर्य होने पर सतयुग का प्रारंभ हुआ था। भविष्य पुराण के अनुसार त्रेता युग का प्रारंभ भी इसी दिन हुआ था। पौरोणिक ग्रंथों के अनुसार इन दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते है। उनका अक्षय फल मिलता है। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इसी दिन अभिष्ट फल की कामना के साथ भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा की जाती है। लंबे समय से सावों की शुरूआत होने व अबूझ मुहूर्त होने के कारण शहर में करीब दो सौ से अधिक शादिया होगी।
चार माह में 23 सावे
आखा तीज से शुरू हो रहे सावों के साथ 23 जुलाई तक 23 ही सावे है। इसके आद देवशयन एकादशी से सावों पर करीब चार माह कार्तिक माह की देवउठनी एकादशी तक रोक लग जाती है। 14 मार्च को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही मीन मलमास शुरू हुआ था। 14 अपे्रल के ग्रहों के राजा सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश के साथ ही मीन मलमास भी समाप्त हो गया। पंडितों के अनुसार 19 अप्रेेल को ही 11 रेखीय सावा है।
बाजार में दिनभर रहा खरीदारी का जोर
सावों की शुरूआत से बाजार में भी रौनक लौट आई है। दिनभर बाजार में खरीदारों की भीड़ रही। अब तक घोडी, बैंण्ड, डीजे, फूल, विवाह स्थल सूने नजर आ रहे थे। अब वहां भी रौनक शुरू हो जाएगी। इसके अलावा गहने, कपड़े व फर्नीचर की दुकानों पर भी शादी वाले परिवारों ने जमकर खरीदारी की।
प्रशासन सतर्क
आखा तीज के अबूझ मुहूर्त पर जिले में बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस भी पूरी तरह से सतर्क है।
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