अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आठ मार्च को झुंझुनूं में पीएम की सभा में सीएम राजे को काले झण्डे दिखाने के मामले में विधायक शुभकरण चौधरी का नाम आया है।
जयपुर . झुंझुनूं में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में मुख्यमंत्री के सामने काले झंडे लहराने के मामले में बड़ी चूक सामने आई है। स्टेट इंटेलीजेंस और जयपुर कमिश्नरेट को इस हरकत का पहले से अंदेशा था। इसे लेकर स्टेट इंटेलीजेंस ने 6 और कमिश्नरेट पुलिस ने एक अलर्ट जारी ाी किया, फिर भी एनआरएचएम कर्मी सभा के दौरान मंच के पास पहुंच गए। यही नहीं, प्रदर्शन करने वालों को तो खुद भाजपा विधायक शुभकरण चौधरी ही मंच तक लेकर गए थे।
पुलिस ने मना किया, तो नेता बोले आने दो...
सभा स्थल को 24 ब्लॉक में बांटा गया था। वहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के 3-3 अधिकारी लगाए गए थे। सभा से पहले मंच पर उपस्थित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, आगे के 2 ब्लॉक खाली हैं, पीछे से लोगों को आगे के ब्लॉक में शि ट कर दिया जाए। वहां तैनात इंटेलीजेंस व अन्य अधिकारियों ने महिलाओं-छात्राओं के ब्लॉक में भीड़ बुलाने को गलत बताया लेकिन नेता इस पर अड़ गए कि पीछे के ब्लॉक से युवकों को आगे लाओ। पुलिस अधिकारियों ने मना किया तो झुंझुनंू एसपी मनीष अग्रवाल को साथ लेकर उदयपुरवाटी विधायक शुभकरण चौधरी वहां पहुंचे और युवकों को आगे लाने के लिए कहा। इसके बाद प्रदर्शनकारी आगे पहुंच गए, जिन्होंने बाद में नारेबाजी की, काले झंडे लहराए।
पहले से स्थिति साफ थी, करेंगे हंगामा
इंटेलीजेंस और कमिश्नरेट पुलिस को आशंका थी कि एनआरएचएम कर्मी सभा में हंगामा कर सकते हैं। इसीलिए अलर्ट जारी किया। सूचना के मुताबिक तय था कि एनआरएचएमकर्मी प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने जयपुर में प्रदर्शन के दौरान ही इसका आह्वान कर दिया था। झुंझुनू में कलक्ट्रेट पर पकौड़े तलकर प्रदर्शन के दौरान भी यह ऐलान दोहराया था। यही कारण है कि इंटेलीजेंस के पुलिसकर्मियों को रिवार्ड भी दिया जा रहा है। इन पुलिसकर्मियों ने एक दिन पहले यह तक बता दिया था कि एनआरएएचएम कर्मी झुंझुनू में कहां ठहरे हैं। इनके संगठन के पदाधिकारी के वाहनों के नंबर भी बता दिए थे।
दो और गंभीर चूक
1. जाब्ता 5 मार्च को पहुंच गया फिर भी तैनाती के आदेश 7 मार्च को जारी हुए। उसी दिन रिहर्सल भी थी। स्थानीय पुलिस निरीक्षक, उपाधीक्षक व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की तैनातगी सभा स्थल की बजाय कलक्ट्रेट पर की गई, जहां किसानों का प्रदर्शन था।
2. नारेबाजी करने और काले झंडे लहराने पर पुलिस ने युवकों को घेरना शुरू कर दिया। वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने तत्काल जाब्ता मांगा लेकिन बताया गया कि जाब्ता एक घंटे बाद पहुंचा। हंगामा स्थल पर तैनात जाब्ते को लेकर अधिकारियों में तनातनी भी हुई।
इनका कहना है
मंत्री यूनुस खान और अन्य नेताओं ने आगे के खाली ब्लॉक भरने के लिए कहा था। पुलिस ने मना किया लेकिन यह थोड़े ही बताया था कि वे काले झंडे दिखाएंगे। पुलिस ने तो यह कहा था कि ऐसे ले जाएंगे तो बेरिकेडिंग तोड़ देंगे। वो तो कुछ लड़के बल्लियां फांदकर आ गए, जिन्होंने गड़बड़़ कर दी।
- शुभकरण चौधरी, विधायक, उदयपुरवाटी
उस ब्लॉक के प्रभारी जयपुर ग्रामीण एसपी थे। मंच से खाली स्थान भरने के लिए कहा गया था तो कुछ लोगों को आगे लाया गया था।
-मनीष अग्रवाल, एसपी, झुंझुनूं
काले झंडे दिखाने वाले पांच एनएचएम कर्मी गिरफ्तार
झुंझुनूं पीएम की सभा के दौरान काले झण्डे दिखाने वाले एनएचएम कर्मचारियों की गिरफ्तारी लगातार जारी है। कोतवाल गोपालसिंह ढाका ने बताया कि बुधवार को पांच एनएचएम कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।ऐसे में अब सभा के दौरान काले झण्डे दिखाने वाले गिरफ्तार एनएचएम कर्मियों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। हालांकि अभी संगठन से जुड़े हुए मोबाइल स्वीच ऑफ कर नेता भूमिगत हो चुके हैं। पुलिस की ओर से तलाश के लिए विभिन्न जगहों पर लगातार दबिश दी जा रही है।मामला पीएम की सभा से जुड़ा होने के कारण पुलिस के आलाधिकारी भी बोलने से कतरा रहे हैं।