
सीकर. राजस्थान में सबसे अधिक पढ़ा-लिखा अंचल शेखावाटी कई मायनों में सिरमौर है। देश को सर्वाधिक फौजी इसी क्षेत्र ने दिए और खाड़ी देशों में कामकाज भी यहीं के कामगारों के भरोसे है। वहीं अंचल का दूसरा पहलू यह है कि शेखावाटी दुल्हन खरीद की मंडी भी बनता जा रहा है। अनेक ऐसे मामलो सामने आ चुके हैं, जिनमें खरीदकर लाई दुल्हन धोखेेबाज निकली और मौका पाकर सब कुछ हड़प कर ले गई। इस तरह के मामलों को देख तो अक्सर लोग पीडि़त परिवार को कह ही देते हैं कि इससे अच्छा तो लड़का कुंवारा रह जाता है तो ज्यादा बेहतर रहता।
Jhunjhunu : पानी लाने की कहकर हुई गायब
-झुंझुनूं के बड़ागांव निवासी विनोद कुमार की शादी नहीं हो रही थी। उसने शादी करवाने वाले दलालों से सम्पर्क किया तो उन्होंने एक लाख तीस हजार रुपए लेकर विनोद की पंजाब के बठिंडा की नथाना तहसील के फूला गांव की कमरजीत कौर से उसकी शादी करवाई। शादी 24 नवम्बर 2017 को गांव दोरासर के बालाजी मंदिर में हुई।
-शादी के बाद सवा महीने तक सब कुछ ठीक चलता रहा। फिर ४९ की रात को कमरजीत पानी की बाल्टी भरने की बात कहकर घर से निकली और वापस ही नहीं लौटी। मामले में पंचायत भी दलालों पर पीडि़त परिवार को रुपए लौटाने का दबाव भी बनाया गया। मामला पुलिस थाने तक पहुंचा।
khandela A : पति ने कर डाला पत्नी का कन्यादान
-ये मामला सीकर जिले के खण्डेला का है। यहां के गांव मठ दुल्हेपुरा के रामनारायण की शादी तीन लाख रुपए लेकर पंजाब के फरीदकोट निवासी बबली उर्फ अमनदीप के करवाई गई। तीन माह बाद अमनदीप एक दिन अचानक जेवरात व रुपए लेकर गायब हो गई। २२ मई २०१७ को खण्डेला पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस पड़ताल में जो सामने आया उससे हर किसी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। पता चला कि बबली उर्फ अमनदीप कौर का जिस शख्स ने कन्यादान किया था वो उसका पिता या भाई नहीं बल्कि पति था। यहीं नहीं बल्कि बबली दो बच्चों की मां भी थी।
कुंवारी बात कर करवा दी शादी
सीकर की फतेहपुर तहसील में स्थित थेथलिया गांव में पिछले महीने ही एक दलाल ने कमलेश नाम के युवक से पैसे ऐंठकर उसकी शादी पहले से शादीशुदा महिला को कुंवारी बताकर करा दी थी। जिसके एक बच्चा भी था। मामला पकड़ में आता इससे पहले ही खरीदकर लाई गई दुल्हन कमलेश के घर में रखे सोने के जेवरात भी साथ ले गई। कमलेश जब उसके पीहर पहुंचा तो हकीकत का पता चलने पर उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। इधर, दलाल ने शादी के नाम पर 70 हजार रुपए उससे पहले ही अलग से ऐंठ लिए थे।