
राजस्थान की सांस्कृतिक धारा और समृद्ध व्यापारिक इतिहास का केंद्र रहे सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी में एक बेहद अनूठा और भावुक सांस्कृतिक समागम आयोजित होने जा रहा है। अपनी माटी और पैतृक जड़ों से दूर भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों में रह रही नई मारवाड़ी पीढ़ी को अपने पूर्वजों की परंपराओं, इतिहास और खानपान से जोड़ने के लिए हर साल भाद्रपद अमावस्या पर आयोजित होने वाला ऐतिहासिक 'गोयनका संगम' इस बार 7 से 11 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।
इस 5 दिवसीय भव्य कार्यक्रम के चौथे दिन यानी 10 सितंबर को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करेंगे, जबकि स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
इतिहास और परंपराओं के अनुसार, गोयनका समुदाय के लोग आज से करीब 500 साल पहले व्यापार के सिलसिले में फतेहपुर शेखावाटी आए थे। उन्होंने इसी पावन धरा पर अपनी कुलदेवी बीरा बरजी दादीजी का भव्य मंदिर स्थापित किया था।
तब से लेकर आज तक यह परंपरा अटूट चली आ रही है। हर साल भाद्रपद अमावस्या के मौके पर इस समुदाय के लोग दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे हों, कुछ दिनों के लिए अपनी मातृभूमि फतेहपुर शेखावाटी लौटते हैं।
11 सितंबर को संगम के अंतिम दिन गोयनका समुदाय के सैकड़ों लोग सामूहिक रूप से कुलदेवी बीरा बरजी दादीजी के मंदिर में एकत्र होकर अपने पूर्वजों की शांति और परिवार की खुशहाली के लिए विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।
श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट कोलकाता के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील कुमार गोयनका और अवार्ड समिति के चेयरमैन अरुण गोयनका ने बताया कि इस संगम में भारत के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों में जन्मी और पली-बढ़ी नई पीढ़ी को शेखावाटी लाया जा रहा है।
इस बार संगम में भाग लेने के लिए कॉर्पोरेट जगत की कई बड़ी हस्तियां फतेहपुर पहुंच रही हैं:
आरएस गोयनका: को-चेयरमैन, इमामी ग्रुप
भरत गोयनका: चेयरमैन, टैली ग्रुप
अन्य उद्योगपति: विष्णु गोयनका, गिरधारी लाल गोयनका और आकाश गोयनका सहित देश-विदेश के करीब 600 बिजनेसमैन अपने परिवारों के साथ 5 दिन तक अपने पैतृक घर में रहेंगे।
आज के डिजिटल और आधुनिक युग में जब लोग भावनात्मक रूप से एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे समय में यह संगम युवाओं को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू कराने का जरिया बन रहा है।
5 दिनों के प्रवास के दौरान नई पीढ़ी को निम्नलिखित पहलुओं की जानकारी दी जाएगी:
पारंपरिक रीति-रिवाज: मारवाड़ी संस्कृति के विशिष्ट धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा विधियों की जानकारी।
खानपान और पहनावा: पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों, वेशभूषा और बोली-भाषा से परिचय।
पूर्वजों का इतिहास: शेखावाटी की हवेलियों, स्थापत्य कला और पूर्वजों के योगदान की गाथाएं।
10 सितंबर को आयोजित होने वाले मुख्य पुरस्कार वितरण समारोह में व्यापार, समाजसेवा, कला, विज्ञान, खेलकूद, शिक्षा, साहित्य और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के अग्रणी लोगों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हाथों सम्मानित किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन और ट्रस्ट के सदस्य कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं ताकि बाहर से आने वाले अतिथियों को शेखावाटी की भव्य मेहमाननवाजी का अहसास कराया जा सके।