
Govt Job From Fake Document: राजस्थान में सरकारी नौकरी से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (RAC) में कांस्टेबल की नौकरी हासिल की और करीब 34 साल तक नौकरी करता रहा। इतना ही नहीं आरोपी अपना पूरा सेवाकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त भी हो गया। रिटायरमेंट के बाद शिकायत मिलने पर जब मामले की जांच कराई गई तो दस्तावेजों में कथित हेरफेर की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार सीकर जिले के बुरावड़ तहसील क्षेत्र के पूरा छोटी गांव निवासी भागीरथराम ने 1 जून 1992 को बीकानेर स्थित आरएसी की तृतीय बटालियन में कांस्टेबल के पद पर भर्ती ली थी। नौकरी के दौरान उसका स्थानांतरण आरएसी की दिल्ली स्थित आठवीं बटालियन में हो गया। यहां उसने लंबे समय तक सेवा की और बाद में सेवानिवृत्त हो गया।
सेवानिवृत्ति के बाद आरएसी की आठवीं बटालियन के अधिकारियों को भागीरथराम के खिलाफ शिकायत मिली। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसने नौकरी हासिल करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। शिकायत मिलने के बाद विभाग की ओर से प्राथमिक जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने का दावा किया है।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि कांस्टेबल भर्ती के समय भागीरथराम ने जो शिक्षा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था उसमें उम्र से जुड़ी जानकारी में कथित तौर पर हेरफेर किया गया था। हालांकि, दस्तावेजों में किस तरह बदलाव किए गए और इसका नौकरी पर क्या प्रभाव पड़ा इसकी विस्तृत जांच पुलिस करेगी।
मामला सामने आने के बाद आरएसी की दिल्ली स्थित गाजीपुर की आठवीं बटालियन की डी कंपनी के प्लाटून कमांडर परमेश्वर दयाल ने बीछवाल थाने में भागीरथराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी की मूल भर्ती बीकानेर स्थित आरएसी की तृतीय बटालियन में हुई थी। इसी वजह से मामला बीछवाल थाने में दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे फर्जीवाड़े की तस्वीर साफ हो सकेगी और आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।