Jaipur Ringas Highway Six Lane : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जयपुर-रींगस मार्ग को चार से छह लेन करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस मार्ग को छह लेन करने के लिए डीपीआर तैयार कराने के आदेश प्राधिकरण की ओर से जारी कर दिए गए हैं।
सीकर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जयपुर-रींगस मार्ग को चार से छह लेन करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस मार्ग को छह लेन करने के लिए डीपीआर तैयार कराने के आदेश प्राधिकरण की ओर से जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही इस मार्ग पर खाटूश्यामजी जाने वाले श्याम भक्तों की सुविधा के लिए अलग से पैदल पथ भी बनाया जाएगा।
जयपुर-रींगस हाईवे पर पिछले कई वर्षों से लगातार यातायात का दबाव बढ़ रहा है। जयपुर से खाटूश्यामजी और रींगस की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विशेष रूप से फाल्गुन मेले और अन्य धार्मिक अवसरों पर इस मार्ग पर भारी भीड़ रहती है, जिससे कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में राजमार्ग प्राधिकरण ने पहले चरण में जयपुर से रींगस तक के मार्ग को चार लेन के बजाय छह लेन करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
प्राधिकरण का मानना है कि सड़क चौड़ी होने से इस हाईवे पर यातायात अधिक सुगम हो सकेगा और जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। इससे जयपुर, रींगस और खाटूश्यामजी के बीच आवागमन भी आसान होगा।
इस मार्ग पर पहले भी जयपुर से रींगस तक श्याम भक्तों के लिए पैदल पथ बनाया गया था, लेकिन बढ़ती संख्या के कारण श्रद्धालुओं को पूरी तरह राहत नहीं मिल पा रही है। कई स्थानों पर पैदल चलने वालों को वाहनों के साथ ही मार्ग का उपयोग करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए अब अलग से सुरक्षित पैदल पथ बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से खाटूश्यामजी तक पहुंच सकें।
इसके अलावा खाटूश्यामजी में रिंग रोड बनाने की घोषणा भी राज्य सरकार की ओर से पहले ही की जा चुकी है। रिंग रोड बनने से मंदिर क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात व्यवस्था मिल सकेगी।
एनएच के विस्तार और खाटूश्यामजी में रिंग रोड बनने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिल सकेगी।