
Khatushyamji Nagar Palika election : सीकर। खाटूश्यामजी नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव अब बेहद रोचक मोड़ पर पहुंच गया है। मतदान के दौरान लापता हुई कांग्रेस की महिला पार्षद लक्ष्मी को पुलिस ने दस्तायाब कर लिया है। पार्षद के सामने आने के बाद भी चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर साफ नहीं हुई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला बेहद करीबी होने के कारण लक्ष्मी का वोट निर्णायक माना जा रहा है। अब सबकी नजर राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले पर है कि पार्षद का मतदान कराया जाएगा या अब तक हुए मतदान के आधार पर परिणाम घोषित किया जाएगा।
मामला उस समय और गरमा गया, जब पार्षद लक्ष्मी के पति हरलाल ने मौके पर मौजूद डिप्टी राजेश जांगिड़ को लिखित रिपोर्ट दी। इसमें उन्होंने कांग्रेस नेता श्याम सुंदर पूनिया पर अपनी पत्नी के अपहरण का आरोप लगाया। रिपोर्ट की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में भाजपा और कांग्रेस समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी की गई, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
हालांकि, पुलिस ने पार्षद लक्ष्मी को दस्तायाब कर लिया है। पुलिस की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें किस स्थान से बरामद किया गया और वह वहां कैसे पहुंचीं। अब पुलिस उन्हें अदालत में पेश करने की तैयारी में जुटी है।
लक्ष्मी के पति भाजपा नेताओं के साथ धरने पर बैठे थे। भाजपा की ओर से लगातार मांग की गई कि महिला पार्षद को मतदान के लिए पर्याप्त समय दिया जाए और उनका वोट डलवाया जाए। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्षद के मतदान के अधिकार को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि लक्ष्मी भाजपा प्रत्याशी की रिश्तेदार हैं। ऐसे में उनके एक वोट को लेकर दोनों राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस ने अब तक हुए मतदान के आधार पर परिणाम घोषित करने की मांग की है। कांग्रेस की ओर से इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी की बात भी सामने आई है। कांग्रेस का तर्क है कि मतदान की प्रक्रिया के दौरान जो वोट पड़ चुके हैं, उनके आधार पर चुनाव परिणाम घोषित किया जाना चाहिए। अब राज्य निर्वाचन आयोग को इस पूरे घटनाक्रम पर फैसला करना है।
खाटूश्यामजी नगर पालिका में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। दोनों पक्षों की संख्या बराबर होने के कारण एक पार्षद का वोट पूरे चुनाव का रुख बदल सकता है। यही वजह है कि लक्ष्मी के मतदान को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी खींचतान बढ़ गई है। लक्ष्मी के पुलिस को मिलने और उन्हें कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी के बाद अब चुनावी घटनाक्रम का अगला पड़ाव राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला होगा। आयोग तय करेगा कि महिला पार्षद को मतदान का अवसर दिया जाएगा या पहले से हुए मतदान के आधार पर परिणाम घोषित किया जाएगा।
खाटूश्यामजी नगर पालिका चुनाव में सामने आए इस घटनाक्रम ने मतदान प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा जहां पार्षद का वोट करवाने की मांग पर अड़ी है, वहीं कांग्रेस अब तक हुए मतदान के आधार पर परिणाम चाहती है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला ही आगे की तस्वीर साफ करेगा।