खेत में लगे कृषि कनेक्शन को बिना सूचना के काटने पर बिजली निगम को 55 हजार रुपए बतौर क्षतिपूर्ति के अदा करने के आदेश
सीकर. न्यायालय स्थाई लोक अदालत, सीकर के अध्यक्ष गिरिश कुमार शर्मा, सदस्य नीतू जांगिड़ व सदस्य रमाकांत शर्मा ने खेत में लगे कृषि कनेक्शन को बिना सूचना के काटने पर बिजली निगम को 55 हजार रुपए बतौर क्षतिपूर्ति के अदा करने के आदेश जारी किए हैं।
लोक अदालत ने एवीवीएनएल, अजमेर के अध्यक्ष, बिजली निगम रींगस के एईएन व जेईएन, चौमूंपुरोहितान क लाइनमैन आदि के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। अधिवक्ता प्रकाशचंद्र पारीक व लक्ष्मणसिंह ने बताया कि प्रर्थीया संतोष ने 3 मई 2024 को याचिका लगाई थी। याचिका में बताया कि प्रार्थीया एवं गुलाबी देवी पत्नी सागरमल के गांव चौमूंपुरोहितान में बिजली कनेक्शन दिया गया था। इसका बिल लगातार जमा करवाया जा रहा है। 4 अप्रैल 2024 को विपक्षीगण ने बिना किसी लिखित सूचना व नोटिस के बिजली कनेक्शन ट्रांसफर के दो पाल पीछे से विच्छेद (कनेक्शन काट दिया) कर दिए।
प्रार्थी ने बिजली कनेक्शन काटने की शिकायत 181 संपर्क पोर्टल पर दर्ज करवाई गई थी। प्रार्थीया को जानकारी दी गई कि उसका कनेक्शन चालू है जबकि कनेक्शन 4 अप्रैल को ही काट दिया गया और इसे वापस भी नहीं जोड़ा गया। यही नहीं प्रार्थीया ने कनेक्शन, मीटर के साथ किसी प्रकार की छेड़खानी भ नहीं की, इसके बाद भी बिना सूचना के बिजली कनेक्शन काटा गया। ऐसे में उन्हें टैंकर से पेयजल मंगवाना पड़ा और परेशानी हुई। परिवार को कई दिन तक बिजली कनेक्शन कटने से परेशानी हुई। खेती में भी नुकसान हुआ। प्रार्थीया ने इस पर याचिका लगाई थी।