Sikar LPG Cylinder: सीकर जिले में एलपीजी सिलेंडर संकट लगभग खत्म हो गया है। पिछले महीने 95 हजार से अधिक पहुंची बुकिंग अब घटकर 42,922 रह गई है, जबकि दैनिक आपूर्ति बढ़कर 18,707 सिलेंडर हो गई है। पैनिक बुकिंग कम होने, आयात और घरेलू उत्पादन बढ़ने से अब उपभोक्ताओं को औसतन 3 दिन में गैस सिलेंडर मिलने लगा है।

Sikar LPG Cylinder Crisis Ends: सीकर: आहत करने वाली बढ़ी दरों के बीच गैस सिलेंडरों को लेकर राहत की भी बड़ी खबर है। अमेरिका-इजराइल व ईरान संघर्ष के चलते पिछले महीने पैनिक की वजह से बढ़ी बुकिंग अब आधी से भी कम हो गई है। वहीं, सीकर में सिलेंडरों की आपूर्ति भी दोगुना से ज्यादा हो गई है।
ऐसे में अब बुकिंग के बाद औसतन तीन दिन में ही सिलेंडर फिर से घरों तक पहुंचना शुरू हो गया है। हालात ये हो गए हैं कि पहले से सिलेंडर भरवाकर रखे होने की वजह से नया सिलेंडर आने पर उपभोक्ताओं के घर खाली सिलेंडर मिलने की भी समस्या दिखने लगी है।
एक महीने की बात करें तो होर्मुज संकट की वजह से नौ मई को जिले में बीपीसीएल, एचपीसीएल और आइओसीएल की सिलेंडर बुकिंग 95 हजार 138 थी, जबकि घरेलू और व्यवसायिक सिलेंडर मिलाकर आपूर्ति 10 फीसदी से भी कम 10 हजार 253 रह गई थी। ऐसे में बुकिंग से 10 दिन पहले तो सिलेंडर मिलना ही बंद हो गया था।
कई एजेंसियों के उपभोक्ताओं को 15 से 20 दिन बाद सिलेंडर मिल रहे थे। वहीं, सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार जिले में तीनों कंपनियों की बुकिंग 42 हजार 922 और सिलेंडरों की आपूर्ति प्रतिदिन 18 हजार 707 तक हो गई है। यानी औसतन ढाई से तीन दिन में सिलेंडर उपभोक्ताओं को मिल रहा है।
ईरान-अमरीका इजराइल युद्ध से पहले पश्चिमी एशिया के संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और कुवैत सरीखे देशों से ही 90 फीसदी एलपीजी आयात हो रहा था। युद्ध के बाद सरकारी कंपनियों ने 55 फीसदी आयात अमरीका और 12 फीसदी ईरान से करने के अलावा ऑस्ट्रेलिया, रूस, अर्जेंटीना, कांगो, अंगोला, नाइजीरिया और कैमरून सरीखे देशों से भी एलपीजी खरीदी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, होर्मुज संकट के समय सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल परिसरों को प्रोपेन और ब्यूटेन जैसी गैस धाराओं को एलपीजी पूल की ओर मोड़ने का निर्देश दिया था। इससे घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
ईरान-अमरीका-इजराइल युद्ध की वजह से बढ़ी पैनिक बुकिंग कम होने से गैस कंपनियों पर दबाव कम हुआ। बुकिंग व आपूर्ति का संतुलन ठीक होने लगा। सरकार और तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए उद्योगों की एलपीजी आपूर्ति में कटौती कर घरेलू सिलेंडर वितरण जारी रखा।
शहरी क्षेत्रों में पीएनजी सप्लाई बढ़ाने और उनके एलपीजी कनेक्शन काटने से सिलेंडर की सप्लाई सुधरी। रिफाइनरियों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे तेल के मिश्रण (रिफाइनरी डाइट) में भी बदलाव के साथ कंपनियों ने रिफाइनरियों को पूरी क्षमता से संचालित किया।
पिछले कुछ वर्षों में एलपीजी बॉटलिंग प्लांट, गोदाम और वितरण नेटवर्क के विस्तार से भी आपूर्ति श्रृंखला मजबूत हुई। इस समय शादी-ब्याह (सावों) का सीजन नहीं होने से भी बुकिंग में राहत मिली है। वर्तमान में जिले में बीपीसीएल की 19,050 के मुकाबले 12,216, एचपीसीएल के 4,747 बुकिंग की तुलना में 2,366 और आइओसीएल की 19,125 बुकिंग के मुकाबले 4,125 सिलेंडरों की औसतन आपूर्ति हो रही है।
एलपीजी गैस सिलेंडरों को लेकर स्थिति अब सामान्य हो गई है। पिछले महीने के मुकाबले बुकिंग आधी से भी कम और आपूर्ति दो गुना से ज्यादा होने की वजह से उपभोक्ताओं को आसानी से सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं।
सीकर जिले में बीपीसीएल की 19,050 के मुकाबले 12,216, एचपीसीएल के 4,747 बुकिंग की तुलना में 2,366 और आइओसीएल की 19,125 बुकिंग के मुकाबले 4,125 सिलेंडरों की औसतन आपूर्ति हो रही है। एलपीजी गैस सिलेंडरों को लेकर स्थिति सामान्य हो गई है। पिछले महीने के मुकाबले बुकिंग आधी से भी कम और आपूर्ति दोगुना से ज्यादा होने की वजह से उपभोक्ताओं को आसानी से सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं।
-विजेंद्रपाल, डीएसओ, सीकर