सीकर

Rajasthan Urban Update: राजस्थान के इस शहर की बदल गई सीमा, 38 नए गांव जुड़े; अब मास्टर प्लान होगा संशोधित

Sikar Master Plan Update: नगरीय विकास विभाग ने शिक्षानगरी सीकर की सीमा में और बढ़ोतरी कर दी है। अब यूआइटी क्षेत्र में 38 नए गांव जोड़े गए है।

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Feb 20, 2026
शिक्षानगरी सीकर की सीमा का विस्तार। फोटो: पत्रिका

सीकर। शिक्षानगरी सीकर के मास्टर प्लान के पिछले दो साल से उलझे पेंच अब सुलझ सकेंगे। नगरीय विकास विभाग ने गुरुवार को शिक्षानगरी की सीमा में और बढ़ोतरी कर दी है। अब यूआइटी क्षेत्र में 38 नए गांव जोड़े गए है। इससे पहले 50 राजस्व गांव जोड़े गए थे।

पिछले दिनों सीकर के मास्टर प्लान को लेकर विवाद होने पर यूडीएच मंत्री ने पहले मास्टर प्लान को निरस्त करने की बात कही थी, अब मास्टर प्लान को संशोधित करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए है।

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सीकर सीमा में जुड़े ये गांव

नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार धाबाईपुरा, पीपली नगर, कहारो की ढाणी, दौलतपुरा, लक्ष्मणा का बास, गुमाना का बास, दीनारपुरा, सिंघासन, पिपराली, दुर्गापुरा, खोरीडूंंगर, मण्डावरा, कदमा का बास, काशी का बास, चौखा का बास, पुरा बड़ी, कासली, फकीरपुरा, ताजसर खेजडिलयान, ताजसर करणवतान, श्यामपुरा, सिहोटी छोटी, भूकरो का बास, रसीदपुर, मैलासी, विकास नगर, तेतलीनगर, भोया, पलासिया नगर, मालियो की ढाणी, श्यामपुरा पूर्वी, किकरालिया, गोरिया, भोजा की ढाणी, सुजावास, रैवासा व प्रेमसिंहपुरा को शामिल किया है।

सीमा विस्तार का ऐसे समझें पूरा गणित

दूर-दराज तक पूरा हो सकेगा आशियाने का सपना: शहरी सीमा के नजदीक जमीन के भावों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में कई परिवारों का भूखण्ड लेने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा। सीमा विस्तार के बाद नए गांव-ढाणियों में भूखण्ड लेकर आमजन आसानी से आशियाने का सपना पूरा कर सकेंगे।

सुविधा क्षेत्र के पेंच अब सुलझ सकेंगे: मास्टर प्लान में सबसे ज्यादा आपत्ति सुविधा क्षेत्र को लेकर दर्ज हुई है। नगरीय सीमा में नए गांव-ढाणी शामिल होने से सुविधा क्षेत्र इन गांव-ढाणियों में शामिल हो सकेगा। इससे मास्टर प्लान लेकर ग्रामीणों का विरोध भी कम हो सकेगा। यह पेंच दूर होने के बाद शिक्षानगरी का मास्टर प्लान भी जल्द जारी होने की संभावना बन गई है।

अब 2041 नहीं 2047 तक का तैयार होगा मास्टर प्लान

नगरीय विकास विभाग की ओर से पहले 2041 तक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान का प्रारूप प्रकाशन हुआ था। अब विभाग की ओर से 2047 के हिसाब से मास्टर प्लान तैयार होगा।

इससे पहले 50 गांव हो चुके शामिल

इससे पहले यूआइटी सीमा का दो बार विस्तार हो चुका है। पिछले साल हुए सीमा विस्तार के दौरान यूआइटी क्षेत्र में 50 नए राजस्व गांव जोड़े गए थे।

बड़ा सवाल, आमदनी कम, इतने लंबे क्षेत्र का कैसे होगा विकास

यूआइटी का दायरा पिपराली से रैवासा और रसीदपुरा तक हो गया है। लंबा-चौड़ा क्षेत्र होने और यूआइटी के पास इतनी आमदनी नहीं होने से विकास को लेकर लोगों की चिन्ता अभी से बढ़ने लगी है। लोगों का कहना है कि विभाग को इन क्षेत्रों में मुलूभूत सुविधाएं विकसित करने के पहले फंड भी जारी करना चाहिए।

संभाग छीनकर वर्तमान खराब किया, अब 2047 के सपने: कांग्रेस

भाजपा सरकार ने संभाग छीनकर सीकर का वर्तमान खराब करने का काम किया है। दो साल से मास्टर प्लान के नाम पर राजनीति की जा रही है। नगर परिषद व यूआइटी सीमा में पहले से शामिल गांव-ढाणियों में एक रुपया का काम नहीं हुआ है। अब नए और और क्षेत्र शामिल होने से किसानों की परेशानी बढ़ना तय है।
-गोविन्द सिंह डोटासरा, पीसीसी चीफ

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