सीकर

राजस्थान सरकार के मंत्री झाबर सिंह खर्रा का दावा, शेखावाटी में जल्द आएगा यमुना नहर का पानी

यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने दावा किया है कि यमुना जल समझौते के बाद बनाई गई पेयजल योजना की डीपीआर बन चुकी है और जल्दी ही शेखावाटी में किसानों को सिंचाई के लिए नहरी पानी मिलेगा। इधर, किसान महापंचायत ने यमुना जल समझौते लेकर सरकार पर थोथी बयानबाजी करने के आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं।

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May 18, 2026
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा। पत्रिका फाइल फोटो

सीकर। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने दावा किया है कि यमुना जल समझौते के बाद बनाई गई पेयजल योजना की डीपीआर बन चुकी है और जल्दी ही शेखावाटी में किसानों को सिंचाई के लिए नहरी पानी मिलेगा। मंत्री खर्रा अजीतगढ़ क्षेत्र के गढ़टकनेत गांव में ग्राम रथ अभियान एवं ग्राम विकास चौपाल में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी तथा अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर ग्राम रथ के एलइडी के जरिये लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गढ़टकनेत में टीन शेड व इंटरलॉकिंग लगाने, बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि डेढ़ साल पहले स्वीकृत एक करोड़ की राशि से कमरों का निर्माण शुरू कराने व 15 दिन में आम रास्तों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

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दूध उत्पादक सहकारी समिति कोकावाली (गढ़टकनेत) के अध्यक्ष शांतनु कुमार के नेतृत्व में लोगों ने मंत्री को दुग्ध उत्पादक संघ सीकर में अनियमितता की शिकायत की। इस पर यूडीएच मंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान तहसीलदार स्नेहलता राजोरिया, गढ़टकनेत प्रशासक राजेश नायक, भाजपा के जिला महामंत्री पूर्ण गुर्जर, जिला मंत्री अजय सिंह खर्रा, पंचायत समिति के अतिरिक्त विकास अधिकारी सांवरमल सैनी सहित काफी लोग मौजूद थे।

सिर्फ बयानबाजी कर रही सरकारः भावरिया

इधर किसान महापंचायत ने यमुना जल समझौते लेकर सरकार पर थोथी बयानबाजी करने के आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं। महापंचायत के प्रदेश महामंत्री एवं अजीतगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के प्रशासक संघ के संरक्षक सुंदरलाल भावरिया ने कहा कि सरकार के मंत्री बार-बार बोल रहे हैं कि यमुना जल समझौता हो चुका है एवं इसकी डीपीआर पूरी बन चुकी है लेकिन सवाल यह है कि सरकार कब तक इस समझौते को धरातल पर उतारेगी।

भावरिया रविवार को अजीतगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज से 2 साल पहले अजीतगढ़ क्षेत्र के बामरला जोहड़े में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की थी कि जल्दी ही शेखावाटी में यमुना नदी का जल किसानो के लिए सिंचाई के लिए आ जाएगा। साथ ही राज्य सरकार के मंत्री भी श्रीमाधोपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवो में होने वाले कार्यक्रमों में अपने भाषणों में एक ही बात कहते हैं कि यमुना जल समझौता हो गया है एवं डीपीआर बन चुका है, जल्दी ही किसानों को इसका पानी सिंचाई के दिए लाया जाएगा। लेकिन सरकार बोल रही है कि इसका समझौता तो हो गया है एवं डीपीआर बन चुकी है। लेकिन सरकार इस समझौते को धरातल पर कब तक उतारने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि किसान महापंचायत लगातार किसानों के हित को देखते हुए सरकार से मांग करती है कि जल्दी से जल्दी यमुना का पानी शेखावाटी के सीकर जिले में लाया जाए, ताकि किसान अपनी फसलों में इसके पानी का उपयोग कर सके।

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