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रैपिड रेल प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, सिर्फ 117 मिनट में अलवर से दिल्ली का सफर, यहां-यहां बनेंगे 22 नए स्टेशन

Delhi-Alwar Namo Bharat Rail Project: राजस्थान को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के जरिये दिल्ली से जोड़ने वाली नमो भारत रेल परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। बहरोड़ तक आरआरटीएस लाने के लिए सरकार प्रयासरत है।

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Delhi-Alwar Namo Bharat Rail Project (1)

दिल्ली-अलवर नमो भारत रेल परियोजना। Photo: AI-generated

Namo Bharat High Speed Rail Project: जयपुर। दिल्ली-एसएनबी-अलवर नमो भारत रेल प्रोजेक्ट चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में इस रूट पर 160 किमी की रफ्तार से रैपिड रेल दौड़ेगी और अलवर से दिल्ली का सफर मात्र 117 मिनट में पूरा होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कहना है कि राजस्थान को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) द्वारा हरियाणा के रास्ते दिल्ली से जोड़ने वाली परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। बहरोड़ तक आरआरटीएस लाने के लिए सरकार प्रयासरत है।

बता दें कि अभी दिल्ली से बावल सेक्शन पर कार्य किया जा रहा है। ऐसे में अलवर तक ट्रेन पहुंचने में समय लग सकता है। माना जा रहा है कि अगले साल तक बहरोड़ और अलवर के बीच काम शुरू हो सकता है। ऐसे में 2030 तक दिल्ली-एसएनबी-अलवर नमो भारत रेल प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है। रूट तैयार होने के बाद अलवर से दिल्ली तक रोजाना सफर करने वाले करीब 9 यात्रियों की राह आसान होगी।

164 किलोमीटर लंबा होगा रैपिड रेल रूट

दिल्ली से अलवर को जोड़ने वाले इस रैपिड रेल कॉरिडोर की लंबाई 164 किलोमीटर होगी। इस रूट पर रैपिड रेल 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी और महज 117 मिनट में दिल्ली से अलवर का सफर पूरा होगा। इस रूट पर 22 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 5 स्टेशन भूमिगत होंगे। बता दें कि इस परियोजना का निर्माण नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) द्वारा किया जाएगा, जो केंद्र सरकार के साथ हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार की संयुक्त कंपनी है।

यहां बनेंगे स्टेशन

सराय काले खां/निज़ामुद्दीन (दिल्ली), आईएनए (दिल्ली), मुनिरका (दिल्ली), एयरोसिटी (दिल्ली), उद्योग विहार (गुरुग्राम), गुरुग्राम सेक्टर 17 (गुरुग्राम), राजीव चौक (गुरुग्राम), खेड़की धौला (गुरुग्राम), मानेसर (हरियाणा), पंचगांव (हरियाणा), बिलासपुर चौक (हरियाणा), धारूहेड़ा डिपो (हरियाणा), एमबीआईआर (हरियाणा), रेवाड़ी (हरियाणा), बावल (हरियाणा), एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़), शाहजहांपुर (राजस्थान), नीमराना (राजस्थान), बहरोड़ (राजस्थान). सोतानाला (राजस्थान), खैरथल (राजस्थान), अलवर (राजस्थान)।

तीन चरणों में पूरा होगा काम

पहले चरण में रैपिड रेल दिल्ली के सराय काले खां से धारूहेड़ा होते हुए बावल तक संचालित होगी। इससे पहले यह कॉरिडोर धारूहेड़ा तक प्रस्तावित था, लेकिन हरियाणा सरकार के आग्रह पर इसे बावल तक बढ़ाया गया है, जहां टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा। दूसरे चरण में राजस्थान के बहरोड़ को नमो भारत नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। तीसरे चरण में एसएनबी-अलवर तक 58 किलोमीटर मार्ग पर निमार्ण कार्य पूरा किया जाएगा। 37 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र और राजस्थान के बीच आवागमन और तेज होगा।