
Shekhawati Crime News: सीकर के धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में एक ढाणी में पड़ोसी युवक ने 6 महीने की गर्भवती का गला धारदार हथियार (लंबे छुरे) से रेत दिया। विरोध करने पर महिला के हाथों व गाल पर भी छुरे से कट लगे हैं। घटना के बाद पीड़िता कुछ दूरी भागी लेकिन अधिक खून बहने के चलते वह रास्ते में गिर गई। गंभीर घायल पीड़िता का श्री कल्याण हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम ऑपरेशन कर रही है। धोद थाना पुलिस एसके हॉस्पिटल पहुंची और परिवार से पूरा घटनाक्रम जाना।
पिता प्रहलादसिंह पुत्र गणेशसिंह रावणा राजपूत निवासी सरवड़ी सीकर ने धोद थाना में बेटी प्रियंका को जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से गला काटने के प्रकरण में आरोपी सुरेश सैनी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज करवाया है। एफआइआर में लिखा है कि वह गांव में किसी काम से गया हुआ था। करीब 11 बजे नेमीचंद ने उन्हें फोन पर सूचना दी। पीड़ित ने बताया कि वह जब घर पहुंचा तो बेटी प्रियंका गेट पर खून से लथपथ होकर गिरी पड़ी थी। बेटी ने उसे बताया कि वह पलंग पर सो रही थी। अचानक सुरेश कुमार सैनी पुत्र रामपाल माली ने आकर उस पर धारदार हथियार से चोट मारी जिससे उसका गला कट गया व खून बह रहा है। धोद थाना पुलिस ने सरवड़ी गांव के खेतों में घटनास्थल पर पहुंच कर मौका मुआयना किया। धारदार छुरा बरामद किया है। एसके हॉस्पिटल में देर रात तक इलाज चलता रहा। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति स्थिर बताई है।
पिता प्रहलादसिंह ने बताया कि बेटी प्रियंका को जब वे एंबुलेंस में लेकर आ रहे थे तो बड़बड़ा रही थी कि 'मैं मरने वाली हूं, मुझे पानी पिला दो।' अपने तीन साल के मासूम बेटे के बारे में भी पूछती रही। हालांकि इस घटनाक्रम में अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आरोपी सुरेश सैनी ने पीड़िता प्रियंका का गला किस कारण से काटा है। प्रियंका को होश नहीं है और अभी आरोपी फरार चल रहा है। ऐसे में दोनों में से एक के बयान लेने के बाद ही मामले का खुलासा हो पाएगा।
पीड़ित प्रियंका के एक 3 साल का बेटा है, जो घटना के समय मौके पर मौजूद था। बच्चा एसके हॉस्पिटल में अपनी मौसी लिछमा कंवर व बड़ी नानी के पास बैठा था और बार-बार दोहरा रहा था कि एक छोरा आया और उसने मां के थप्पड़ मारी और फिर चाकू से मां का काट दिया। इसके बाद छोरा वहां से भाग गया। बड़ी बहन लिछमा ट्रोमा के बाहर फूट-फूटकर रोती रही।
प्रियंका का पूरा शरीर व कपड़े खून से लथपथ थे। उसे लोसल सीएचसी से श्री कल्याण हॉस्पिटल तक एंबुलेंस से लाने के दौरान उसका काफी खून बह गया। उसके गले में लगी गौज की सफेद पट्टियां खून से लथपथ हो गई और खून जम गया। एसके हॉस्पिटल की अधीक्षक डॉ. प्रियंका अमन व चिकित्सकों सहित पूरी टीम ने गंभीर हालत होने पर भी उसका तुरंत उपचार कर, ऑक्सीजन देकर ओटी में लिया।
शाम करीब 7 बजे सरवड़ी गांव से प्रियंका का परिवार व करीब 100 महिला-पुरुष धोद थाना पहुंचे। परिवार वाले तुरंत आरोपी सुरेश सैनी को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। सीओ धोद राजेश कुमार ढाका ने परिवार से समझाइश की। ग्रामीण देर रात तक धोद थाना के बाहर मौजूद थे।