महाशिवरात्रि इस बार दुलर्भ संयोगों के साथ 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दौरान ज्योतिषविदों के अनुसार तीन राशियों के लोगों को विशेष लाभ होगा।
सीकर. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाने वाला महाशिवरात्रि पर्व इस बार 15 फरवरी को विशेष योग-संयोगों के साथ मनाया जाएगा। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, शुक्रादित्य योग और श्रवण नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे पर्व का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा।
पंडित मिश्रा ने बताया कि चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 06 मिनट पर होगा और समापन 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगा। प्रदोष युक्त निशीथ काल होने से महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को ही मनाया जाएगा। निशीथ काल में शिव पूजन का विशेष महत्व माना गया है। निशीथ काल पूजा का समय रात 12.15 से 1.06 बजे तक रहेगा।
ज्योतिष के अनुसार इस दिन कुंभ राशि में सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य योग बनेगा। साथ ही चतुर्ग्रही योग, बुधादित्य योग, व्यतिपात योग एवं भद्रावास योग का भी संयोग रहेगा। यह दिन पूजा, व्रत, दान-पुण्य और शिव आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। पंडित मिश्रा के अनुसार यह पर्व विशेष रूप से मेष, कन्या और कुंभ राशि वालों के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा। महाशिवरात्रि पर चार पहर की पूजा का विशेष महत्व रहेगा।